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क्या सस्ता होगा गैस सिलेंडर, भारत ने अमेरिका के साथ की ऐतिहासिक एलपीजी डील

भारत ने अमेरिका के साथ एक ऐतिहासिक एलपीजी डील कर ली है. जिससे भारत को एलपीजी सप्लाई में कोई कमी नहीं आएगी. इस डील को लेकर काफी दिनों से चर्चा चल रही थी. भारत की ओर से कई मौकों पर कहा जा रहा था कि वो अमेरिका के साथ एक बड़ी एनर्जी डील पर काम कर रहे हैं. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को घोषणा की कि भारतीय पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियों ने पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका से एलपीजी इंपोर्ट करने के लिए एक साल का समझौता किया है. आइए आपको भी बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री ने इस डील को लेकर क्या जानकारी दी है.

ऐतिहासिकल डील
मंत्री ने सोमवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस डील की जानकारी दी और इसे देश के एलपीजी मार्केट के लिए एक “ऐतिहासिक पहल” बताया. उन्होंने कहा कि ये एक ऐतिहासिक पहल है. दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज़ी से बढ़ते एलपीजी बाज़ारों में से एक भारत अमेरिका के लिए ओपन हो गया है. भारत के लोगों को एलपीजी की सुरक्षित और किफ़ायती आपूर्ति प्रदान करने के हमारे प्रयास में, हम अपनी एलपीजी सोर्सिंग में विविधता ला रहे हैं. एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, भारत की सरकारी तेल कंपनियचों ने लगभग 2.2 मीट्रिक टन प्रति वर्ष एलपीजी के इंपोर्ट के लिए एक साल का समझौता सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.”

किस तरह की हुई डील
दुनिया में सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते एलपीजी बाजारों में से एक के रूप में भारत की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए, पुरी ने कहा कि नया समझौता देश के एलपीजी सोर्सिंग में विविधता लाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. मंत्री के अनुसार, भारतीय पब्लिक सेक्टर की कंपनियों ने कांट्रैक्ट वर्ष 2026 के लिए लगभग 2.2 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) एलपीजी इंपोर्ट करने का अनुबंध किया है. यह मात्रा भारत के वार्षिक एलपीजी इंपोर्ट का लगभग 10 प्रतिशत है और इसे अमेरिकी खाड़ी तट से प्राप्त किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह भारतीय बाजार के लिए अमेरिकी एलपीजी से जुड़ा पहला लॉन्गटर्म कांट्रैक्ट है.

कई बार किया अमेरिका का दौरा
पुरी ने बताया कि इस खरीद को ग्लोबल एलपीजी ट्रेड के लिए एक प्रमुख प्राइसिंग प्वाइंट माउंट बेल्वियू के बेंचमार्क पर रखा गया है. उन्होंने आगे कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की टीमों ने हाल के महीनों में प्रमुख अमेरिकी उत्पादकों के साथ चर्चा करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा किया था, जो अब सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है.

पिछले साल 60 फीसदी का इजाफा
मंत्री ने भारतीय परिवारों, खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से लाभान्वित महिलाओं के लिए किफायती रसोई गैस सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि पिछले साल वैश्विक स्तर पर रसोई गैस की कीमतों में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि उज्ज्वला उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर केवल 500-550 रुपये का भुगतान करना पड़े, जबकि वास्तविक लागत 1,100 रुपये से अधिक है. कंज्यूमर्स को अंतरराष्ट्रीय मूल्य झटकों से बचाने के लिए, भारत सरकार ने वर्ष के दौरान 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ उठाया.

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