शराबबंदी को लेकर सख्त हुआ प्रशासन, अब प्राइवेट सेक्टर में शराबियों को नहीं मिलेगी नौकरी..

बिहार 23 नवंबर (वेदांत समाचार)। बिहार में सरकार लगातार शराबबंदी को लेकर सख्ती बरत रही है. लेकिन अब बिहार में शराब पीने वालों को नौकरी भी नहीं मिलेगी. सरकार अब इसे लेकर प्राइवेट सेक्टर में भी शिकंजा कसने वाली है. सरकार की सख्ती के बाद आदेश जारी कर अफसरों को जवाबदेह बनाया जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने प्राइवेट सेक्टर और कई होटलों से जुड़े लोगों के साथ मीटिंग कर शराबबंदी पर रणनीति बनाई. वहीं इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि शराब की सूचना मिलने पर पुलिस कहीं भी छापेमारी कर सकती है. पटना के कमिश्नर संजय अग्रवाल और आईजी संजय सिंह ने शराबबंदी का सख्ती से पालन कराने के लिए सभी जिलों के डीएम, एसपी और उच्चाधिकारियों के साथ होटल, रेस्टोरेंट, लॉज संचालक के साथ बैठक की. मीटिंग में साफ तौर पर कहा गया है कि जिनकी शराब पीने की हिस्ट्री हो उन्हें नौकरी पर न रखा जाए.

शराब पीने वालों को नौकरी नहीं
अधिकारियों ने कहा कि शराब के खिलाफ कर्मचारियों को शपथ लेनी होगी. शराब पीने वालों को नौकरी नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही अफसरों को जवाबदेह बनाया जाएगा ताकि प्राइवेट सेक्टर में भी इसे लेकर सख्ती बरती जाए. भविष्य में और सख्ती की जाएगी.

लालू यादव ने शराबबंदी खत्म करने की मांग की
RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार में शराबबंदी को खत्म करने की मांग की है. सोमवार को शराबबंदी को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए लालू प्रसाद यादव ने कहा बिहार के चारों तरफ बंगाल, उत्तरप्रदेश, झारखंड एवं नेपाल में खुले आम शराब की बिक्री हो रही है. ऐसे में बिहार में शराब की तस्करी को रोक पाना मुश्किल है.

उन्होंने कहा कि बिहार में शराब की तस्करी लगातार हो रही है. शराबबंदी पूरी तरह राज्य में फेल हो चुकी है. लोग हर रोज जहरीली शराब पीने से मर रही है. इसके साथ ही बिहार सरकार को राजस्व का भी घाटा हो रहा है. लेकिन मुख्यमंत्री अपनी जिद पर अड़े हुए हैं.