Vedant Samachar

वृश्चिक संक्रांति की रात करें ये उपाय, घर में बढ़ेगा धन धान्य!

Vedant Samachar
3 Min Read

ज्योतिष शास्त्र में भगवान सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है. भगवान सूर्य आत्मा के कारक माने गए हैं. भगवान सूर्य एक राशि में एक माह तक गोचर करते हैं. जब भगवान सूर्य राशि परिवर्तन करके दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो संक्रांति मनाई जाती है. भगवान सूर्य इस माह जल्द ही वृश्चिक राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, तब वृश्चिक संक्रांति मनाई जाएगी. वृश्चिक संक्रांति हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है.

वृश्चिक संक्रांति के दिन विधि-विधान से भगवान सूर्य का पूजन किया जाता है. भगवान को जल चढ़ाया जाता है. इस दिन भगवान सूर्य के पूजन से जीवन में खुशहाली आती है. साथ ही करियर में सफलता प्राप्त होती है. वृश्चिक संक्रांति के दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ रात में कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं. मान्यता है कि इन उपायों को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य बढ़ता है.

वृश्चिक संक्रांति 2025 कब है
पंचांग के अनुसार, भगवान सूर्य 16 नवंबर 2025 को तुला राशि से निकलकर मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे. भगवान सूर्य का यही राशि परिवर्तन का क्षण ही वृश्चिक संक्रांति कहलाता है, इसलिए इस साल वृश्चिक संक्रांति का पावन पर्व 16 नवंबर को मनाया जाएगा. इस दिन रविवार है.

वृश्चिक संक्रांति की रात के उपाय
वृश्चिक संक्रांति के दिन रात को सूर्यास्त के बाद अपने घर के पूजा स्थान पर या तुलसी के पौधे के पास तिल के तेल का एक दीपक जलाना चाहिए. एक दीपक पीपल के पेड़ के नीचे भी जलाना चाहिए. इस उपाय को करने पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वो प्रसन्न होते हैं.

इस दिन रात में स्नान आदि के बाद लाल वस्त्र पहनना चाहिए. फिर घर के मंदिर में मां लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने बैठकर श्री सूक्त का पाठ करना चाहिए. तांबे के लोटे में गंगाजल भरकर रखना चाहिए. फिर अगले दिन पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए. इस उपाय को करने से घर में धन-धान्य बढ़ता है.


इस दिन शाम को पीपल के वृक्ष के पास जाकर जल अर्पित करना चाहिए. फिर उसकी सात परिक्रमा करनी चाहिए. इस उपाय को करने से जीवन की सभी बाधाएं और संकट दूर होते हैं.

Share This Article