Vedant Samachar

FD छोड़िए, अब इन 5 स्कीम्स में लगाइए पैसा; मुनाफा गारंटीड!

Vedant Samachar
3 Min Read

भारतीय निवेशक हमेशा से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश मानते आए हैं. इसमें न तो मार्केट का उतार-चढ़ाव होता है, न ही पूंजी डूबने का खतरा. लेकिन अब वक्त बदल गया है. बढ़ती महंगाई और तेजी से बदलते बाजार में सिर्फ FD में पैसा रखना समझदारी नहीं रह गई. अगर आप चाहते हैं कि आपके पैसे पर ज्यादा ब्याज, बेहतर लिक्विडिटी और सुरक्षा तीनों मिलें, तो अब आपके पास कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं. आइए जानते हैं वो 7 स्कीम्स जो आपको एफडी से ज्यादा फायदा दे सकती हैं.

ट्रेजरी बिल्स
अगर आप कुछ महीनों के लिए पैसा लगाना चाहते हैं, तो ट्रेजरी बिल्स (T-Bills) एक शानदार विकल्प हैं. ये 91, 182 और 364 दिन की अवधि के लिए जारी किए जाते हैं. इन पर ब्याज नहीं दिया जाता, बल्कि इन्हें कम कीमत पर खरीदा जाता है और मैच्योरिटी पर पूरी राशि मिलती है. यानी ₹990 में खरीदे बिल की मैच्योरिटी पर ₹1,000 मिलते हैं. सरकार द्वारा 100% गारंटी के साथ ये बेहद सुरक्षित निवेश हैं.

आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स
रिजर्व बैंक द्वारा जारी ये बॉन्ड 7 साल के लिए होते हैं और फिलहाल इन पर 8.05% ब्याज दर मिल रही है. खास बात यह है कि हर 6 महीने में इनकी ब्याज दर अपडेट होती है, यानी अगर बाजार में दरें बढ़ीं, तो आपका रिटर्न भी बढ़ जाएगा. इसलिए जो निवेशक लंबे समय के लिए पैसा लगाना चाहते हैं, उनके लिए ये बॉन्ड एकदम सही विकल्प हैं.

कॉरपोरेट बॉन्ड्स
कंपनियां अपने बिजनेस के लिए फंड जुटाने के लिए कॉरपोरेट बॉन्ड्स जारी करती हैं. इन पर 9% से 11% तक ब्याज मिलता है, जो बैंक एफडी से काफी ज्यादा है. हालांकि, इसमें थोड़ा जोखिम रहता है, अगर कंपनी डिफॉल्ट करती है तो नुकसान हो सकता है. इसलिए निवेश करने से पहले उसकी क्रेडिट रेटिंग (AAA, AA, A आदि) जरूर जांचें.

कॉरपोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट
कॉरपोरेट FD में आप कंपनियों को निश्चित समय के लिए पैसा देते हैं और बदले में तय ब्याज पाते हैं. इन पर बैंक FD से 1.5%2% तक ज्यादा रिटर्न मिल सकता है. जैसे Bajaj Finserv, Shriram Finance या Muthoot Capital जैसी NBFCs 8.5% या उससे ज्यादा ब्याज दे रही हैं. हालांकि, इनमें सरकारी बीमा नहीं होता, इसलिए AAA रेटेड कंपनियों के साथ ही निवेश करें.

सरकारी बॉन्ड्स
सरकारी बॉन्ड्स पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा समर्थित होते हैं, यानी इसमें क्रेडिट रिस्क लगभग नहीं के बराबर है. इन्हें उन लोगों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है जो स्थिर और निश्चित रिटर्न चाहते हैं. आमतौर पर इन पर 7% के आसपास ब्याज मिलता है. हालांकि, ब्याज दरों में बदलाव से इनके दाम में थोड़ी गिरावट आ सकती है, इसलिए यह लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट हैं.

Share This Article