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IND vs SA Test: कोलकाता की पिच को लेकर सौरव गांगुली का बड़ा खुलासा, क्या टीम इंडिया ने सीख लिया सबक?

IND vs SA Test: कोलकाता की पिच को लेकर सौरव गांगुली का बड़ा खुलासा, क्या टीम इंडिया ने सीख लिया सबक?

नई दिल्ली,12नवंबर : ऑस्ट्रेलिया में वनडे और टी20 सीरीज खेलने के बाद टीम इंडिया अब तुरंत ही टेस्ट क्रिकेट के रंग में रंगने को तैयार है. अगले 2 हफ्ते कप्तान शुभमन गिल की टीम इंडिया के लिए बहुत अहम होने जा रहे हैं क्योंकि अब उसका सामना होने वाला है वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन साउथ अफ्रीका से. भारत में हो रही इस सीरीज में हर बार की तरह पिच पर काफी फोकस रहने वाला है और लगता है कि इस मामले में टीम इंडिया ने अपनी गलती से सबक सीख लिया है. इसलिए टीम ने किसी तरह की कोई डिमांड नहीं की है. कम से कम पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का तो यही कहना है.

कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में 14 नवंबर से भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 2 मैच की टेस्ट सीरीज शुरू हो रही है. सीरीज का पहला मैच कोलकाता में और दूसरा मैच गुवाहाटी में खेला जाएगा. इसमें गुवाहाटी में पहली बार टेस्ट क्रिकेट खेला जाने वाला है. ऐसे में वहां की पिच कैसा बर्ताव करेगी, ये फिलहाल इतिहास के पन्नों को पलटकर भी नहीं बताया जा सकता. मगर कोलकाता में स्पिनर्स का जलवा हमेशा से रहा है और इस बार भी ये उम्मीद बरकरार रहेगी.

टीम इंडिया ने पिच के लिए नहीं की डिमांड
मगर क्या ईडन की पिच अपने स्वाभाविक मिजाज के साथ हर गुजरते दिन के साथ घूमना शुरू करेगी या फिर टीम इंडिया ने पहले दिन से ही टर्निंग पिच की मांग की है? पूर्व भारतीय कप्तान और बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने खुलासा किया है कि टीम इंडिया ने ऐसी कोई मांग नहीं की है. गांगुली ने PTI से बात करते हुए कहा, “उन्होंने (टीम इंडिया ने) अभी तक को इसकी (टर्निंग पिच) की मांग नहीं की है, तो मैं इसका जवाब नहीं दे पाउंगा. लेकिन ये काफी अच्छी (पिच) लग रही है.”

पिच देखकर गंभीर संतुष्ट- क्यूरेटर
वहीं IPL के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ टकराव के कारण चर्चाओं में आए ईडन गार्डन्स के मशहूर क्यूरेटर सुजान मुखर्जी कोच गौतम गंभीर स्टेडियम की 22 गज की पट्टी देखकर संतुष्ट हैं. उन्होंने ये भी कहा कि पिच इस हिसाब से तैयार की गई है कि मैच पूरे 5 दिन चल सके. मुखर्जी ने साथ ही ये उम्मीद भी जताई है कि तीसरे दिन से पिच में अच्छा-खासा टर्न दिख सकता है. यानि साफ है कि शुरुआती 2 दिन बल्लेबाजी के लिए अच्छे साबित होंगे.

टीम इंडिया ने अपनी गलती से सीखा सबक
इन बयानों से तो यही लगता है कि टीम इंडिया ने अपना सबक सीख लिया है. असल में पिछले कुछ सालों में भारतीय बल्लेबाजों को भी अपने ही घर में विदेशी स्पिनर्स के सामने संघर्ष करना पड़ा है. पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां पहला टेस्ट मैच हारने के बाद भारतीय टीम ने इंदौर में टर्निंग पिच बनवाई थी और उसे करारी हार मिली थी. मिचेल सैंटनर और ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय बल्लेबाजों को जमकर नचाया था और इतिहास में पहली बार टीम इंडिया को घरेलू जमीन पर 3-0 से क्लीन स्वीप हुआ था.

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Vedant Samachar