तिरुपति बालाजी पर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है. यह मंदिर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है. आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के तिरुपति में तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में भगवान वेंकटेश की पूजा की जाती है, जिन्हें भगवान विष्णु का ही अवतार माना गया है. यह मंदिर न सिर्फ पूरे भारत में प्रसिद्ध है, बल्कि दुनियाभर में इसकी लोकप्रियता फैली है. हर साल लाखों श्रद्धालु तिरुपति बालाजी के दर्शन को पहुंचते हैं.
तिरुपति बालाजी वह स्थान है जहां केवल दर्शन ही नहीं होते, बल्कि आत्मा का भगवान से मिलन होता है. यहां कदम-कदम पर नियम और आस्था का संगम देखने को मिलता है. इन्हीं नियमों का पालन करने से आपके बालाजी के दर्शन पूरे होते हैं. आइए आपको बताते हैं कि तिरुपति बालादी के दर्शन करने के नियम क्या हैं.
तिरुपति बालाजी दर्शन के नियम
तिरुपति बालाजी में पुरुष भक्तों के लिए धोती और कुर्ता पहनना अनिवार्य है.
महिलाओं को पारंपरिक कपड़े पहनने चाहिए. मंदिर में जीन्स, टी-शर्ट या शर्ट में दर्शन की अनुमति नहीं है,
बालाजी मंदिर में भारी सामान ले जाने से बचें, क्योंकि इसमें काफी चलना पड़ता है और सीढ़ियां भी चढ़नी पड़ती हैं.
तिरुपति बालाजी मंदिर का लड्डू (प्रसाद) ज़रूर लें और उसे श्रद्धापूर्वक ग्रहण करना चाहिए.
तिरुपति बालाजी मंदिर में जाने से पहले स्वामी पुष्करिणी में स्नान करना चाहिए.
तिरुपति मंदिर के अंदर साष्टांग प्रणाम नहीं करना चाहिए.
मंदिर से मिले प्रसाद और तीर्थ को नहीं फेंकना चाहिए.
तिरुमाला में मांसाहारी भोजन, शराब और धूम्रपान की सख्त मनाही है.
भीड़ से बचने के लिए दर्शन की टिकट ऑनलाइन बुक कर लेना चाहिए.
तिरुपति मंदिर में आरती के बाद श्रद्धापूर्वक स्तुति करें और किसी भी पूजा सामग्री को छूने से बचें.



