Vedant Samachar

साइबर सुरक्षा और जागरूकता पर प्रशिक्षण कार्यक्रम : CSPDCL के अध्यक्ष डॉ रोहित यादव ने कहा- साइबर खतरों से निपटने में सक्षम है पॉवर कंपनी का साइबर सुरक्षा तंत्र

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रायपुर, 02 नवम्बर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने कहा है कि पॉवर कंपनी की सायबर सुरक्षा प्रणाली सायबर खतरों से निपटने में सक्षम है और नवीन प्रौद्योगिकी से लैस है। विद्युत सेवा भवन में एक सादे समारोह में सीएसपीडीसीएल द्वारा सायबर सुरक्षा पर तैयार सायबर सुरक्षा संक्षेपिका और कंप्यूटर डेस्क मैट का अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने विमोचन किया। कंप्यूटर डेस्क मैट पर साइबर सुरक्षा सम्बंधित “क्या करें” और “क्या न करें” उपयोगकर्ता जागरूकता के लिए लिखा गया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के सूचना सुरक्षा प्रकोष्ठ (आईएससी) ने कंपनी के नेटवर्क, सर्वर, एप्लीकेशन, डाटा एवं वेबसाइट समेत सभी ऑफिस के कंप्यूटर को अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली से सुरक्षा कवच प्रदान किया है। उन्होंने कंपनी के कार्मिकों के लिए प्रतिवर्ष साइबर सुरक्षा जागरूकता संबंधी प्रशिक्षण आयोजित करने को सार्थक पहल बताया।

इस मौके पर मौजूद पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि पॉवर कंपनी मुख्यालय में केन्द्रीयकृत सायबर सुरक्षा संचालन केंद्र (सी–एसओसी) संचालित है जहां से प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं संबंधी डाटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा की निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि यह देश में सार्वजनिक क्षेत्र में पॉवर सेक्टर का पहला सायबर सुरक्षा केन्द्र है। इस केंद्र में 24 X 7 सभी सायबर इंसीडेंट की निगरानी की जाती है। इस दौरान प्रतिदिन हजारों साइबर अटैक को मॉनिटर एवं विफल किए जाते हैं। श्री कंवर ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा माह के अंतर्गत 1- 31 अक्टूबर तक पॉवर कंपनियों में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

सायबर सुरक्षा संक्षेपिका और कंप्यूटर डेस्क मैट के विमोचन अवसर पर कार्यपालक निदेशक (ईआईटीसी) विनोद कुमार साय, अधीक्षण अभियंता (आईएससी) विकास शर्मा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि सायबर सुरक्षा के मापदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चत करने के कारण सीएसपीडीसीएल को विगत दस वर्षों से आईएसओ 27001 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है जो कि “सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली” लागू होने का द्योतक है। यहां हर वर्ष केंद्रीय स्तर की जांच एजेंसी सायबर सुरक्षा संबंधी समीक्षा भी करती है।

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