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भुईया पोर्टल हैक कर 36 लाख का लोन घोटाला: दो और आरोपी गिरफ्तार, साइबर क्राइम यूनिट की बड़ी कार्रवाई…

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दुर्ग,31अक्टूबर (वेदांत समाचार) । नंदनी नगर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित भुईया पोर्टल छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीसीयू (साइबर क्राइम यूनिट) और थाना नंदनी नगर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में गणेश प्रसाद तम्बोली (51) और अमित कुमार मौर्य (37) को गिरफ्तार किया है। दोनों पर सरकारी सॉफ्टवेयर भुईया पोर्टल को हैक कर जमीन के रकबे में फर्जी बढ़ोतरी करने और उसके आधार पर बैंक से 36 लाख रुपये का लोन निकालने का आरोप है।

यह पूरा मामला ग्राम मुरमुंदा से जुड़ा है, जहां आरोपियों ने पटवारी का यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी हासिल कर भुईया पोर्टल में ऑनलाइन हेरफेर की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खसरा नंबर 1538/11 और 187/04 की जमीन के रकबे को ऑनलाइन रिकॉर्ड में बढ़ा दिया, जिससे उस भूमि का मूल्य बढ़ा हुआ दिखने लगा। इसी फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर कुछ लोगों ने भारतीय स्टेट बैंक, अहिवारा शाखा से लगभग 36 लाख रुपये का लोन प्राप्त कर लिया।

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पुलिस के अनुसार, गणेश तम्बोली और अमित मौर्य ने अपने परिचित अशोक उरांव के कहने पर यह कार्य किया था। अशोक उरांव ने दोनों को जमीन के रकबे में हेरफेर करने के बदले पैसों का लालच दिया था। दोनों आरोपियों ने मिलकर मुरमुंदा पटवारी का लॉगिन विवरण हासिल किया और उसकी मदद से भुईया पोर्टल में बदलाव किया।

इस फर्जीवाड़े में दीनू राम यादव और एस. राम बंजारे समेत अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जिन्होंने फर्जी रकबे के आधार पर बैंक से लोन निकाला। पुलिस पहले ही इस मामले में नंदकिशोर साहू को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरी साजिश की परतें खुलने लगी हैं।

थाना नंदनी नगर में दर्ज अपराध क्रमांक 201/2025 के तहत पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस एवं आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान अन्य शामिल व्यक्तियों की संलिप्तता भी उजागर होगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सरकारी पोर्टल में सेंध लगाकर फर्जीवाड़ा करने का गंभीर उदाहरण है, जिसमें तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सुरक्षा खामियां उजागर हुई हैं। साइबर यूनिट अब इस तरह के मामलों पर विशेष नजर रख रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

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