Vedant Samachar

KORBA BREAKING: DMF व मनरेगा घोटाले में CBI की एंट्री, सरकार से मांगा प्रतिवेदन – अफसरों में मचा हड़कंप!

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पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर की शिकायत पर केंद्र सख्त, कोरबा के कई अफसर जांच के घेरे में

रायपुर/कोरबा। कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास मद (DMF) और मनरेगा से जुड़ा करोड़ों-अरबों रुपये का कथित घोटाला अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) तक पहुंच गया है। पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा दस्तावेज़ी साक्ष्यों के साथ की गई गंभीर शिकायत के बाद केंद्र सरकार ने CBI जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

राज्य शासन के खनिज संसाधन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खनिज न्यास मद और मनरेगा से संबंधित घोटाले की CBI द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। आदेश जारी होते ही विभागीय व प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।


💬 “जनता के विकास का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा” – ननकीराम कंवर

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने 15 मई 2025 को कोरबा जिले में डीएमएफ व मनरेगा घोटाले की शिकायत साक्ष्यों के साथ की थी।
उनका आरोप है कि खनिज न्यास मद और मनरेगा की भारी-भरकम राशि विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागजों में खर्च दिखा दी गई, जबकि धरातल पर अधिकांश काम अधूरे या गायब हैं।

सूत्रों के अनुसार, शिकायत में तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास मद की अध्यक्ष रानू साहू, तत्कालीन सीईओ संजीव झा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी नूतन कंवर, तथा उपसंचालक पंचायत जूली तिर्की पर मिलीभगत और गबन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


🕵️‍♂️ केंद्र का आदेश: “CBI करे निष्पक्ष जांच”

सत्यसंवाद को मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य शासन के अवर सचिव मारुवारा चंद्रशेखर द्वारा संचालक भूविज्ञान एवं खनिकर्म विभाग को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि –

“प्राप्त शिकायतों की तथ्यपरक जांच कर शीघ्र रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाए। केंद्र से प्राप्त CBI के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई कर दोषियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।”

इस पत्र के बाद विभागीय स्तर पर सभी पुराने फाइलों और स्वीकृतियों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।


⚠️ खनिज न्यास मद के नाम पर हुआ ‘खेल’?

खनिज न्यास मद (DMF) का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों में खर्च करना है।
लेकिन ननकीराम कंवर के मुताबिक —

“खनिज न्यास की राशि जनता के विकास के लिए थी, परंतु इसे भ्रष्टाचारियों की तिजोरियां भरने में खर्च कर दिया गया। अब CBI जांच से सच्चाई सामने आएगी।”


🚨 प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप

CBI जांच की खबर फैलते ही कोरबा जिला प्रशासन के गलियारों में अफरा-तफरी मच गई है।
सूत्रों का कहना है कि जांच की आंच कई वरिष्ठ अधिकारियों, ठेकेदारों और बिचौलियों तक पहुँच सकती है।
कई पुरानी फाइलें दोबारा खोली जा रही हैं, वहीं कई अफसरों ने खुद को बचाने के लिए सक्रियता बढ़ा दी है।


📂 अब CBI के हाथों में कोरबा DMF की सभी फाइलें

अब कोरबा DMF और मनरेगा घोटाले की हर फाइल CBI के पास पहुंच चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह जांच राज्य के खनिज संसाधन से जुड़े बड़े भ्रष्टाचारों की परतें भी खोल सकती है।


🧾 ननकीराम कंवर – घोटालों को उजागर करने वाले नेता

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर इससे पहले भी कई बड़े घोटालों का खुलासा कर चुके हैं —
जिनमें छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा घोटाला, शराब घोटाला, महादेव सट्टा एप प्रकरण, सीजीएमएससी दवाई घोटाला, राष्ट्रीय राजमार्ग मुआवजा घोटाला, कोयला चोरी प्रकरण शामिल हैं।

इन मामलों में दर्जनों आईएएस अधिकारी, राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर और कुछ सफेदपोश नेता जेल भेजे जा चुके हैं या जमानत पर बाहर हैं।
इसलिए ननकीराम कंवर द्वारा की गई यह ताज़ा शिकायत भी प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भारी हलचल पैदा कर रही है।


📍 निष्कर्ष:
CBI जांच की एंट्री के बाद अब यह मामला सिर्फ कोरबा तक सीमित नहीं रहा।
यह छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों में फैले संभावित बड़े भ्रष्टाचार की परतें खोल सकता है।
आने वाले दिनों में कौन-कौन इस जांच के घेरे में आता है, इस पर पूरे राज्य की नज़र टिकी हुई है।


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