नई दिल्ली,16अक्टूबर: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष धनतेरस 18 अक्टूबर को कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाएगा। यह दीपावली की शुरुआत का प्रतीक त्योहार है, जब लोग सोना-चांदी के सिक्के, बर्तन और अन्य सामान खरीदकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। धनतेरस पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, धन्वंतरि (आयुर्वेद के देवता) और कुबेर की पूजा की जाती है। साथ ही, यम दीपदान कर मृत्यु भय से मुक्ति मांगी जाती है। त्योहार की तैयारियों में हड़बड़ी से बचने के लिए पूजा सामग्री पहले से इकट्ठा कर लें।
पूजा सामग्री की सूची:
मां लक्ष्मी, गणेश, धन्वंतरि और कुबेर की मूर्ति या तस्वीर; अगरबत्ती, धूप, माचिस; कुमकुम, हल्दी, चावल, जनेऊ; मिठाई, आम के पत्ते, नारियल; फूल-फल, मिट्टी के दीए; नई झाड़ू, गंगाजल, कलश; चांदी/सोने के सिक्के और लाल कपड़ा। ये सामान घर में धन-वैभव लाने के लिए आवश्यक हैं।
पूजा की सरल विधि:
सुबह पूजा घर की सफाई करें और सामने रंगोली बनाएं। ईशान कोण में चौकी सजाएं, कलश स्थापित करें। मूर्तियों को हल्दी, चंदन, कुमकुम, फूल, अक्षत, धूप, दीपक और मिठाई चढ़ाएं। कुल 13 दीए जलाएं-भगवान को भोग लगाकर आरती उतारें। चार दीए मुख्य द्वार के दक्षिण में यमराज, चित्रगुप्त और यमदूतों के लिए रखें, शेष घर के विभिन्न हिस्सों में। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शाम को खरीदारी करें और यम दीपदान करें। पंडितों के अनुसार, यह पूजा स्वास्थ्य, धन और सुरक्षा प्रदान करती है। बाजारों में पहले से ही धनतेरस सामान की बिक्री जोरों पर है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर डिस्काउंट ऑफर उपलब्ध हैं। इस पर्व पर स्वदेशी उत्पाद अपनाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।



