Vedant Samachar

चांदी की ताकत के आगे नतमस्तक हुए Tata और Axis Bank, लिया ये बड़ा फैसला

Vedant Samachar
5 Min Read

टाटा म्यूचुअल फंड और एक्सिस म्यूचुअल फंड्स ने अपने सिल्वर ईटीएफ के फंड्स ऑफ फंड्स पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है. वास्तव में घरेलू बाजार में फिजिकल सिल्वर की कमी और वैश्विक बेंचमार्क की तुलना में स्थानीय कीमतों में भारी प्रीमियम का हवाला देते हुए यह कदम उठाया गया है. यह रोक 14 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी हो गई है और ये स्कीम में एकमुश्त खरीद, स्विच-इन और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) के नए रजिस्ट्रेशन पर लागू होगा. फंड हाउस के अनुसार, यह कदम असामान्य बाजार स्थितियों के कारण स्कीम की नेट असेट वैल्यू (एनएवी) में संभावित मिस्प्राइसिंग से निवेशकों को बचाने के लिए उठाया गया है. टाटा म्यूचुअल फंड ने कहा कि मौजूदा बाजार स्थितियों और घरेलू बाजार में फिजिकल सिल्वर की कमी के कारण, इंटरनेशनल कीमतों की तुलना में चांदी प्रीमियम पर कारोबार कर रही है. यह प्रीमियम सीधे योजना के वैल्यूएशन को काफी प्रभावित करता है. टाटा और एक्सिस से पहले एसबीआई, यूटीआई और कोटक ये कदम उठा चुके हैं.

इन पर नहीं लगी हुई रोक
नए सब्सक्रिप्शन पर रोक लगी हुई है, लेकिन मौजूदा निवेशक इससे अप्रभावित रहेंगे. टाटा एमएफ ने स्पष्ट किया है कि: पहले से रजिस्टर्ड मौजूदा एसआईपी और एसटीपी निर्धारित समय पर जारी रहेंगे. रिडेम्पशन, स्विच-आउट और सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) सामान्य रूप से संसाधित किए जाएंगे. 13 अक्टूबर, 2025 को दोपहर 3:00 बजे से पहले जमा किए गए ट्रांजेक्शन लागू एनएवी पर स्वीकार और प्रोसेस्ड किए जाएंगे. निलंबन अस्थायी है और यह अगली सूचना तक ही जारी रहेगा. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय चांदी बाजार सप्लाई की तंगी का सामना कर रहा है. त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू कीमतों में तेजी से उछाल आया है, और चांदी इंटरनेशनल कीमतों की तुलना में 5-12 फीसदी अधिक कारोबार कर रही है.

क्यों बढ़ा हुआ है लोकल मार्केट में प्रीमियम?
चांदी के सिक्कों, बार और आभूषणों की त्योहारों में भारी मांग काफी ज्यादा देखने को मिल रही है. सोलर एनर्जी, ईवी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स में चांदी की इंडस्ट्रीयम डिमांड की वजह से भी कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है. इंपोर्ट में काफी कमी है और मार्केट में फिलिकल चांदी की कमी देखने को मिल रही है. चूंकि टाटा सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड, टाटा सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करता है – जो सीधे तौर पर चांदी की घरेलू कीमत पर नज़र रखता है – इसलिए स्थानीय और इंटरनेशनल बाजारों के बीच यह अंतर नए निवेशकों के लिए इस योजना का उचित मूल्यांकन करना मुश्किल बना देता है. नए निवेश को रोककर, टाटा एमएफ का टारगेट चांदी की बढ़ी हुई कीमतों के इस दौर में निवेशकों को ज़्यादा भुगतान करने से बचाना है.

इन्होंने भी बंद किया ईटीएफ
टाटा म्यूचुअल फंड और एक्सिस म्यूचुअल फंड के अलावा भारत में एक्सिस, कोटक, यूटीआई और एसबीआई सहित कई म्यूचुअल फंडों ने अपने सिल्वर ईटीएफ फंड-ऑफ-फंड्स (एफओएफ) में नए निवेश को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. यह कदम चांदी की कीमतों में तेज वृद्धि और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय चांदी के वैल्यूएशन के बीच बढ़ते अंतर के बीच उठाया गया है. घरेलू बाजार में फिजिकल सिल्वर की सप्लाई काफी कम है. बढ़ती औद्योगिक मांग, त्योहारी खरीदारी और आयात संबंधी बाधाओं के कारण, उचित कीमत पर चांदी प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो गया है. इस कमी के कारण म्यूचुअल फंड और ईटीएफ स्ट्रक्चर्स के लिए फंड के एनएवी और मेटल के बीच संबंध बनाए रखना मुश्किल हो जाता है.

निवेशकों पर पड़ेगा कितना असर
मौजूदा निवेशक: आपके SIP, STP और होल्डिंग्स सामान्य रूप से काम करते रहेंगे. आप योजना के नियमों के अनुसार SWP के माध्यम से रिडीम, स्विच आउट या विड्रॉल कर सकते हैं.

नए निवेशक: निलंबन हटने तक आप नए एकमुश्त निवेश या स्विच-इन शुरू नहीं कर सकते.

लंबित आदेश: 13 अक्टूबर, 2025 को दोपहर 3:00 बजे या उससे पहले के लेनदेन मौजूदा नियमों के तहत प्रोसेस्ड किए जाएंगे.

Share This Article