Vedant Samachar

करवा चौथ पर दिखा आस्था और श्रृंगार का संगमकुसमुंडा के आदर्श नगर स्थित मां शेरावाली मंदिर में महिलाओं ने की अखंड सुहाग की कामना

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गुरदीप सिंह,कोरबा,11 अक्टूबर 2025। करवा चौथ के पवित्र अवसर पर कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र के आदर्श नगर स्थित मां शेरावाली मंदिर में शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। सुबह से ही महिलाओं में उपवास और पूजा की तैयारियों को लेकर उत्साह दिखाई दिया। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम होते-होते मंदिर परिसर में सोलह श्रृंगार में सजी सुहागिनें पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं। किसी ने लाल बनारसी साड़ी तो किसी ने आकर्षक फैंसी साड़ियों में सज-धज कर माता रानी के दर्शन किए। हाथों में मेंहदी, मांग में सिंदूर और माथे पर बिंदी लगाए महिलाएं माता रानी के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना में शामिल हुईं।

पंडितजी के मार्गदर्शन में महिलाओं ने करवा चौथ की कथा सुनी और अपने पति की दीर्घायु एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर में भक्ति गीतों और आरती की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। बच्चों और परिवारजनों ने भी इस अवसर पर उत्साहपूर्वक भाग लिया।

रात को जैसे ही आकाश में चांद निकला, महिलाओं ने छलनी से चांद और अपने पति का दर्शन किया। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया। इस भावनात्मक क्षण में कई महिलाओं की आंखें खुशी से नम हो उठीं।

व्रत में शामिल मंजू यादव ने बताया कि करवा चौथ नारी शक्ति और उसकी दृढ़ता का प्रतीक पर्व है। उन्होंने कहा कि नारी अपनी आस्था और संकल्प से यमराज से भी अपने पति के प्राण वापस ला सकती है, यह उसके प्रेम और विश्वास की पराकाष्ठा को दर्शाता है। करवा को उन्होंने पंच तत्वों—जल, वायु, अग्नि, आकाश और पृथ्वी—का प्रतीक बताया और कहा कि यह पर्व पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।

मंदिर समिति की ओर से सजावट और व्यवस्था की विशेष तैयारियां की गई थीं। पूरे आयोजन में धार्मिकता और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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