Vedant Samachar

अचानक बिगड़ी प्रेमानंद महाराज की तबियत, सुबह की पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित…

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वृंदावन की गलियों में वो सुबह की पदयात्रा जो सालों से हजारों भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत रही अब कुछ समय के लिए बंद कर दी गयी है। इसका कारण है की वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज की सेहत में गिरावट, उनकी रोजाना होने वाली सुबह की पदयात्रा को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बात की आधिकारिक जानकारी श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से सोशल मीडिया पर दी गई है। हालांकि इस खबर ने भक्तों के दिलों में चिंता और आशंका की लहर दौड़ा दी है।

प्रेमानंद महाराज वृंदावन में श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी में रहते हैं। हर सुबह वो लगभग 4 बजे सोसाइटी से निकलकर पैदल ही श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम तक पदयात्रा करते हैं। इस दौरान हजारों भक्त उनकी एक झलक पाने के लिए रास्ते पर जुट जाते हैं। रास्ता रंग-बिरंगी रंगोलियों से सजाया जाता है और फूलों की बारिश की जाती है। जानकारी मिली है कि महाराज लंबे समय से गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे हैं और नियमित डायलिसिस पर निर्भर हैं। पिछले दो दिनों से वो अपनी सुबह की पदयात्रा पर नहीं निकल पा रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में कई भक्त बिना सूचना के मार्ग पर दर्शन की प्रतीक्षा कर उनकी राह देखते रहे हैं, जिससे असुविधा भी हुई।

भक्तों से अनुरोध – दर्शन के लिए मार्ग पर जमा न हों


भक्तों की परेशानी को देखते हुए आश्रम प्रशासन ने साफ किया है कि प्रेमानंद महाराज की सेहत को प्राथमिकता देते हुए पदयात्रा को फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। साथ ही भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वो दर्शन के लिए मार्ग पर जमा न हों और महाराज की सेहत के लिए प्रार्थना करें।

पहले भी कई बार कार्यक्रम स्थगित हुआ


Premanand Maharaj Health News: ये पहली बार नहीं है जब उनकी सेहत के कारण इस पदयात्रा को रोकना पड़ा हो, पहले भी कई बार इसी वजह से ये कार्यक्रम स्थगित हो चुका है। ये पदयात्रा वृंदावन के साथ-साथ देश-विदेश के लाखों भक्तों के लिए आध्यात्मिक तौर पर बेहद ख़ास मानी जाती है।

सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं ने जताई चिंता


सोशल मीडिया पर भी प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर श्रद्धालुओं की चिंता और प्रार्थना का सिलसिला जारी है। सभी उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं ताकि वो फिर से भक्तों के बीच आकर उनको आशीर्वाद दे सकें।

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