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कोरबा में कांग्रेसजनों ने मनाई लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि, तैलचित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

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कोरबा,15 दिसंबर (वेदांत समाचार)। भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा शहर द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय टी.पी. नगर कोरबा में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने सरदार पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें शत-शत नमन किया और उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने स्वतंत्रता के बाद देश के एकीकरण में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न रियासतों का भारत में विलय कराना एक साहसिक और दूरदर्शी निर्णय था, जिसे सरदार पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अंजाम दिया। देशहित में किए गए उनके असाधारण कार्यों के कारण ही उन्हें लौह पुरुष की उपाधि मिली और वे सदियों तक भारतीयों के मन-मस्तिष्क में जीवित रहेंगे।

पूर्व मंत्री अग्रवाल ने आगे कहा कि इतिहास में अनेक महापुरुष हुए हैं, लेकिन वल्लभभाई पटेल का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। उनके नेतृत्व और निर्णयों ने देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव रखी।

पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि सरदार पटेल ने गृह मंत्री के रूप में भारत के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को बढ़ाया। उन्होंने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए विभिन्न रियासतों का भारतीय संघ में सफल विलय कराया, जो अपने आप में एक महान और अविस्मरणीय कार्य है।

पूर्व जिला अध्यक्ष नत्थुलाल यादव ने सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण, गांधी स्मारक निधि की स्थापना और कमला नेहरू अस्पताल की रूपरेखा जैसे कार्य सरदार पटेल की दूरदर्शिता और राष्ट्रप्रेम के प्रतीक हैं, जिन्हें सदैव याद किया जाएगा।

पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी ने सरदार पटेल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अपने उद्देश्य के प्रति अडिग, संगठनात्मक कार्यों में अप्रतिम और आदर्शों के प्रति पूर्णतः समर्पित थे। उनके चट्टानी व्यक्तित्व से प्रभावित होकर ही देशवासियों ने उन्हें लौह पुरुष की संज्ञा दी।

नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने सरदार पटेल के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात में हुआ था और 15 दिसंबर 1950 को 76 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। सितंबर 1947 में वे नेहरू सरकार में गृह मंत्री नियुक्त हुए और लगभग चार वर्षों तक इस पद पर रहते हुए अनेक रचनात्मक एवं राष्ट्रहितैषी कार्य किए, जिसके कारण वे इतिहास में अमर हो गए।

कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मीनारायण देवांगन, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष राठौर, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ठाकुर, पार्षद बद्री किरण, सेवादल अध्यक्ष प्रदीप पुरायणे, बुद्धेश्वर चौहान, प्रदीप जायसवाल, पालूराम साहू, अविनाश बंजारे, रथलाल चौहान, लखन चौहान, डॉ. डी.आर. नेताम, रामगोपाल यादव सहित अन्य कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा राष्ट्र के लिए की गई सेवाओं का भारतीय जनमानस पर अमिट प्रभाव है और आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते रहना चाहिए।

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