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पीरियड्स के दौरान कुछ महिलाओं में लो ब्लड प्रेशर क्यों हो जाता है?

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पीरियड्स के समय महिलाओं के शरीर में कई सारे बदलाव होते हैं. ये बदलाव पीरियड्स के समय हार्मोन के डिसबैलेंस के कारण होते हैं जिसमें कमजोरी और चिड़चिड़ापन, यहां तक की बेहोशी जैसे बदलाव महसूस होते हैं. इस दौरान कई महिलाओं को हेवी ब्लीडिंग भी होती है जिसके चलते खून की कमी हो जाती है. कुछ मामलों में खून की कमी के कारण एनीमिया की शिकायत भी हो जाती है. इसी वजह से अक्सर महिलाओं को पीरियड्स में लो ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है.

पीरियड्स में हेवी ब्लीडिंग के कारण महिलाओं को लो ब्लड प्रेशर का सामना करना पड़ जाता है जिसके चलते चक्कर आना, सिरदर्द, सुस्ती, थकान के साथ शरीर मे कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं. अगर आपके साथ ही ऐसे लक्षण होते हैं तो इस लेख को जरूर पढ़े. एस आर्टिकल में हम आपको पीरियड्स के दौरान लो ब्लड प्रेशर के कारणों के बारे में बताएंगे.

पीरियड्स के समय महिला के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं. इस दौरान Heavy bleeding के कारण शरीर में फ्लूड्स और मिनरल्स की कमी हो सकती है. यही कमी कभी-कभी ब्लड प्रेशर को सामान्य से नीचे गिरा देती है. ये कुछ कारणों से हो सकता है. इसके बारे में सफदरजंग अस्पताल में महिला रोग विभाग की पूर्व डॉ. सलोनी चड्ढा ने बताया है.

1– पीरियड्स में खून की कमी (Blood Loss)

कुछ महिलाओं में पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग होती है. दिन में कई बार पैड्स या टैम्पॉन बदलने पड़ते हैं. ऐसे में शरीर से सिर्फ खून ही नहीं निकलता बल्कि शरीर में फ्लूड्स और मिनरल्स की कमी हो जाती है. जिसमें आयरन और अन्य पोषक तत्व होते हैं जिनकी कमी हो जाती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होती है और ब्लड प्रेशर गिरने लगता है.

2- हार्मोनल फ्लक्चुएशन

पीरियड्स के समय महिलाओं के शरीर में कई सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं. हार्मोन का डिसबैलेंस होना ही लो ब्लड प्रेशर का एक कारण बनता है. पीरियड्स के समय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल ऊपर-नीचे होता रहता है. ये हार्मोन सीधे ब्लड वेसल्स और सर्कुलेशन को प्रभावित करते हैं. इसी वजह से कुछ महिलाओं को पीरियड्स के समय ब्लड प्रेशर लो चला जाता है.

3- डिहाइड्रेशन का असर

जब पीरियड्स में असहनीय दर्द होता है, हैवी ब्लीडिंग होती है और शरीर में फ्लूड की कमी हो जाती है तो शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है.जिसके चलते ब्लड वॉल्यूम कम हो जाता है और ब्लड प्रेशर गिरने लगता है. इसलिए पीरियड्स में लो बीपी से बचने के लिए पानी और फ्लूड्स का भरपूर सेवन करना चाहिए.

4- अधिक दर्द निवारक दवाइयाँ (Painkillers) खा लेना

पीरियड्स में अधिकतर महिलाओं को असहनीय दर्द होने लगता है. रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी आती है. कुछ महिलाओं को बिस्तर से उठने में भी तकलीफ होती है क्योंकि क्रैम्प्स का दर्द ही इतना अधिक होता है. इस दर्द को कम करने के लिए कई सारी महिलाएं दर्द निवारक दवाइयां खा लेती हैं. एक हद तक पेनकिलर ठीक होते हैं लेकिन बार-बार या दिन में कई सारी पेनकिलर खा लेने से ब्लड प्रेशर कम हो जाता है.

किन्हें ज्यादा खतरा होता है?

जिन महिलाओं को पहले से एनीमिया (खून की कमी) है.
जो महिलाएं बहुत ज्यादा ब्लीडिंग झेलती हैं.
जिनका शरीर बहुत जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है.
जिनका वजन बहुत कम है या शरीर कमजोर है.
पीरियड्स में लो बीपी से बचाव कैसे करें?

पीरियड्स में गुगुना पानी, नारियल पानी और नींबू पानी जैसे फ्लूड्स ज्यादा लें.

आयरन और विटामिन C से भरपूर चीजें खाएं ताकि खून की कमी न हो.

बहुत ज्यादा ब्लीडिंग या बार-बार चक्कर आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें.

बहुत अधिक दर्द है तो गर्म दर्द वाले हिस्से की गर्म सिकाई करें.

स्ट्रेस और थकान से बचें और पर्याप्त आराम करें.

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