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H1B वीजा में बड़ा बदलाव, ट्रम्प प्रशासन ने पेश किया प्रस्ताव, जानें पहले किसको मिलेगा VISA…

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वाशिंगटन,24 सितम्बर : अमेरिकी प्रशासन ने H1B वीजा प्रोग्राम में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव पेश किया है, जिससे विदेशी कुशल श्रमिकों के चयन की प्रक्रिया में क्रांतिकारी परिवर्तन होने वाला है। इस प्रस्ताव के तहत पारंपरिक लॉटरी प्रणाली को खत्म कर वेतन आधारित चयन प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों को वीजा मिलने में प्राथमिकता दी जाएगी।

क्या है नया प्रस्ताव?

हाल ही में जारी फेडरल रजिस्टर नोटिस में बताया गया है कि यदि किसी वित्तीय वर्ष में H1B वीजा के लिए आवेदन संख्या 85,000 की कानूनी सीमा से अधिक हो जाती है, तो वीजा आवेदनों का चयन वेतन के आधार पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों की सुरक्षा करते हुए विदेशी कर्मचारियों की संख्या नियंत्रित करना और उच्च कौशल वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना है।

ट्रम्प प्रशासन की सख्त नीतियां

यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आव्रजन नीतियों का हिस्सा है, जो जनवरी 2017 में पद संभालने के बाद से लगातार कठोर होती जा रही हैं। ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है और H1B वीजा कार्यक्रम पर भी कड़ी निगरानी रखी है ताकि अमेरिकी बाजार में विदेशी श्रमिकों की बढ़ती संख्या को सीमित किया जा सके।

नए नियमों के असर

व्हाइट हाउस द्वारा H1B वीजा पर $100,000 की नई वार्षिक फीस लगाने की घोषणा के बाद कई टेक कंपनियों में चिंता बढ़ गई है। अमेजन जैसे बड़े वर्कफोर्स कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई है, क्योंकि ये कंपनियां अपने कर्मचारियों को अमेरिका में बनाए रखने के लिए चिंतित हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह फीस केवल नए आवेदनों पर लागू होगी।

कौन होगा सबसे ज्यादा प्रभावित?

छोटी कंपनियां, जो वर्तमान में H1B वीजा का ज्यादा इस्तेमाल करती हैं, इस बदलाव से सबसे अधिक प्रभावित हो सकती हैं। करीब 5,200 ऐसी कंपनियां हैं जिन्हें इस नई नीति के कारण गंभीर श्रम संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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