Vedant Samachar

गुवाहाटी में हुआ जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कार, लाखों की तादाद में सड़क पर उमड़ी भीड़, बना ये रिकॉर्ड

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मुंबई : या अली, दिल तू ही बता समेत और भी कई बहेतरीन गाने गाने वाले सिंगर जुबीन गर्ग इस दुनिया में नहीं रहे. उनकी आवाज ने लोगों पर कैसे जादू किया और उनके फैंस उनसे कितना प्यार करते थे यह उनके अंतिम संस्कार पर पूरे देश ने देखा. असम की सड़कें जुबीन गर्ग के चाहने वालों के हुजूम से भर गई. 19 सितंबर को उनका निधन हो गया. आज अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में उनको अंतिम विदाई दी गई.

जुबीन गर्ग नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में परफॉर्म करने के लिए सिंगापुर गए हुए थे. वहीं स्कूब डाइव करते हुए उनकी मौत हो गई. आज यानी 23 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार हुआ. जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कार असम के गुवाहाटी में हुआ. हजारों लोग उनके अंतिम संस्कार पर उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए, अपने रॉकस्टार को आखिरी बार देखने के लिए इकट्ठा हुए.

लाखों लोगों की उमड़ी भीड़
लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाले जुबीन के निधन पर लोगों का दिल टूट गया. असम की सड़कों पर लोग अपने चहेते सितारे के पार्थिव शरीर को देखकर रोते हुए दिखाई दिए. प्रशंसकों की भारी भीड़ अंतिम विदाई से पहले रात भर कतारों में खड़ी रही और गायक की अंतिम झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करती रही. जुबीन के पार्थिव शरीर को कांच के ताबूत में रखा गया था, जिस पर पारंपरिक असमिया ‘गामोसा’ लिपटा हुआ था.

असम में छाया मातम
सिंगर के अंतिम संस्कार में कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुई. राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, गायक पापोन और भूटान के राजा के प्रतिनिधि ने भी स्टेडियम में उनको श्रद्धांजलि अर्पित की. रविवार को जब ज़ुबीन गर्ग का पार्थिव शरीर गुवाहाटी पहुंचा, तो सैकड़ों प्रशंसक उन्हें कांच के ताबूत में देखकर भावुक हो उठे और रोने लगे. पूरे असम में उनके निधन की खबर से मातम पसरा हुआ है. उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग भी अपने पति के पार्थिव शरीर को देखकर फफक फफक कर रो पड़ी.

दर्ज हुआ रिकॉर्ड
गुवाहाटी में 21 सितंबर को सिंगर का पार्थिव शरीर पहुंचा. उनका शरीर पहुंचने के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ उमड़ गई. यह लोग इतनी बड़ी संख्या में थे कि एक रिकॉर्ड दर्ज हो गया. लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इसे इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक अंतिम संस्कारों में से एक के रूप में दर्ज किया. ज़ुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी जनसभा माना गया, जिसमें माइकल जैक्सन, पोप फ्रांसिस और क्वीन एलिज़ाबेथ II जैसे दिग्गजों के अंतिम संस्कार भी शामिल हैं.

किंग ऑफ हमिंग कहलाने वाले ज़ुबीन गर्ग सिर्फ एक गायक नहीं थे. उन्होंने असमिया संगीत को राष्ट्रीय पहचान दी और बॉलीवुड में भी अपनी अमर धुनों से अपनी छाप छोड़ी. जुबीन गर्ग के गाने लोगों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ गए हैं. लोगों के दिलों पर राज करने वाला सितारा अब आसमान में चमक रहा है. इतिहास में हमेशा उनको जादुई आवाज के बादशाह के रूप में याद किया जाएगा.

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