Vedant Samachar

अगले एक साल में बदलेगी गांव वालों की किस्मत, 73% लोगों की कमाई में आएगा उछाल

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हाल ही में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने सितंबर 2025 में एक सर्वे किया, जिसमें यह पता चला कि लगभग 73% से ज्यादा ग्रामीण परिवार अपनी आय में अगले एक साल में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं. एक साल पहले भी 70% से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को अपनी आय बढ़ने की उम्मीद थी. इससे साफ है कि ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और लोगों में भरोसा बना हुआ है.

आय में स्थिरता और गिरावट की दर कम
सर्वे ने यह भी बताया कि जिन परिवारों की आय में गिरावट आई है, उनकी संख्या पिछले एक साल में कम हुई है. सितंबर 2025 में केवल 18% परिवारों ने अपनी आय में कमी बताई, जबकि एक साल पहले यह संख्या लगभग 24% थी. इसका मतलब यह है कि ग्रामीण इलाकों में आय में गिरावट की समस्या धीरे-धीरे कम हो रही है. साथ ही लगभग 44.5% परिवारों की आय स्थिर बनी हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा है.

कंजम्पशन में बढ़ोतरी
सर्वे के अनुसार, 76% से अधिक ग्रामीण परिवारों ने अपनी दैनिक जरूरतों के खर्च में वृद्धि बताई है. इसका मतलब है कि लोग अपनी आमदनी का इस्तेमाल ज्यादा खर्च करने में कर रहे हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है. हालांकि, कंजम्पशन की बढ़ोतरी की रफ्तार थोड़ा धीमी हुई है, जिसका कारण हाल के बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी हो सकती हैं.

इस बीच, बचत करने वाले परिवारों की संख्या भी बढ़ी है, जो यह दर्शाता है कि ग्रामीण लोग अपनी आमदनी को समझदारी से खर्च कर रहे हैं और भविष्य के लिए भी बचत कर रहे हैं. उधार लेने वालों की संख्या में कमी आई है, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद और बढ़ जाती है.

ऋण के स्रोत और ब्याज दर
सर्वे में यह भी पता चला कि अब अधिकांश ग्रामीण परिवार (लगभग 55%) केवल बैंक या अन्य औपचारिक संस्थानों से ही ऋण ले रहे हैं, जबकि 22% परिवार अभी भी अनौपचारिक स्रोतों जैसे मित्र या जमींदारों से उधार लेते हैं. अनौपचारिक ऋण पर ब्याज दर लगभग 17-18% है, जो बहुत अधिक है और गरीब परिवारों के लिए बोझ बन सकती है.

बेहतर ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी मदद
ग्रामीण परिवारों का तीन-चौथाई से अधिक परिवारों का मानना है कि पिछले एक साल में गांवों का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है. यह सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं के बेहतर होने का संकेत है, जिससे ग्रामीण जीवन आसान बन रहा है.

इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारें ग्रामीण लोगों की मदद के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जिनमें मुफ्त या कम कीमत पर खाद्य सामग्री, पानी, बिजली, गैस, शिक्षा सामग्री और पेंशन जैसे लाभ शामिल हैं. ये सरकारी मदद ग्रामीण परिवारों की आमदनी और खर्च दोनों को संतुलित करने में मदद करती है.

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