जगदलपुर,22 सितम्बर (वेदांत समाचार)। मणिपुर के हुए उग्रवादी हमले में छत्तीसगढ़ का लाल रंजीत सिंह कश्यप शहीद हो गया। सोमवार को शहीद रंजीत का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर बस्तर के गृहग्राम गांव बालेंगा पहुंचा। पूरा गांव शहीद की अंतिम यात्रा का साक्षी बना। इस दौरान गांव की गलियां शहीद रंजीत अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
हर दिल गर्व और गम के मिले-जुले भाव से भरा हुआ था। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, स्थानीय विधायक लखेश्वर बघेल, कलेक्टर हरीश एस और एसपी शलभ सिन्हा सहित प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी गांव पहुंचकर शहीद रंजीत सिंह कश्यप को श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों और परिजनों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी। बता दें कि 19 सितंबर को मणिपुर के असम राइफल्स के काफिले पर हमला हुआ था।
उसी हमले में रंजीत ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। 2016 में असम राइफल्स से जुड़ने वाले रंजीत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं, जिनमें से सबसे छोटी मासूम अभी केवल चार महीने की है।



