Vedant Samachar

गिरते बाजार में भी वोडाफोन-आइडिया ने मचाया धमाल, निवेशक हुए मालामाल…

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इंडियन स्टॉक मार्केट में हफ्ते के आखिर कारोबारी दिन शुक्रवार को बिकवाली देखने को मिल रही है. भारतीय बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 11.40 बजे तक करीब 400 अंक नीचे चला गया. सेंसेक्स की 30 में से 21 कंपनियां लाल निशान में कारोबार कर रही हैं. लेकिन इसी बीच वीआई के शेयरों में तगड़ा उछाल देखा जा रहा है. 11.40 बजे के करीब वोडाफोन आइडिया के शेयर 4.20 फीसदी की तेजी के साथ 8.18 रुपये पर पहुंच गए थे. लेकिन उसके बाद ही कुछ ही देर में कंपनी के शेयरों ने तगड़ी छलांग लगाई और 9 फीसदी तेजी का भी आंकड़ा पार कर दिया. आइए जानते हैं कि मार्केट की गिरावट के बीच आखिर वीआई के शेयर क्यों भाव रहे हैं?

दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से 9,450 करोड़ रुपये के AGR बकाया की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई के लिए तैयार होने के बाद, शुक्रवार को वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेजी आई है. वोडाफोन आइडिया के लिए 19 सितंबर को होने वाली सुनवाई बहुत जरूरी है. कंपनी ने दूरसंचार विभाग (DoT) की नई डिमांड के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि ये डिमांड सुप्रीम कोर्ट के पुराने AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) फैसले से बाहर है. कंपनी चाहती है कि 9,450 करोड़ रुपये की इस डिमांड को रद्द किया जाए, खासकर 2017 से पहले की बकाया राशि को सुलझाया जाए.

Vi का बयान


कंपनी का कहना है कि 9,450 करोड़ में से 2,774 करोड़ रुपये विलय के बाद की वोडाफोन आइडिया से जुड़े हैं और बाकी 5,675 करोड़ रुपये विलय से पहले की वोडाफोन ग्रुप की देनदारियों से हैं. कंपनी का दावा है कि DoT की गणना में गलतियां और डुप्लिकेशन हैं, जिन्हें ठीक करने के लिए डिटेल्ड रिव्यू चाहिए.

दूसरी तरफ, DoT का कहना है कि ये डिमांड कोई नई गणना नहीं है, बल्कि पुराने बकाया खातों को फाइनल करने और फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स के बाद मिली गड़बड़ियों को ठीक करने से जुड़ी है. इस केस का रिजल्ट वोडाफोन आइडिया की फंडिंग प्लान्स पर बड़ा असर डालेगा. हाल ही में कंपनी लेंडर्स से एक्स्ट्रा फंडिंग के लिए बात कर रही है. जून क्वार्टर की अर्निंग कॉल में CEO अक्षय मूंदड़ा ने कहा कि लेंडर्स AGR इश्यू पर क्लैरिटी का इंतजार कर रहे हैं. मूंदड़ा ने ये भी बताया कि कंपनी सरकार से लगातार बात कर रही है और अगर ये इश्यू सुलझ जाता है, तो कंपनी को अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर और लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

कंपनी पर कर्ज


वोडाफोन आइडिया का कर्ज बहुत ज्यादा है और फाइनेंशियल स्ट्रेस भी है. कंपनी को पहले भी सरकार से राहत मिली है, जैसे स्पेक्ट्रम पेमेंट डिफर करना, टेलीकॉम सेक्टर रिफॉर्म्स, और सरकारी बकाया को इक्विटी में बदलना. कंपनी चाहती है कि ये विवाद मार्च से पहले सुलझ जाए, ताकि फंडिंग की व्यवस्था टाइम पर हो सके.

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