कोरबा,10 सितम्बर (वेदांत समाचार)। मवेशियों की जरूरत को पूरा करने के लिए बनाए जाने वाले कोटना में भी मनरेगा के अधिकारी और कर्मचारी अपने लिए अच्छी संभावनाएं देख रहे हैं। वे आगे की आफत से बेपरवाह होकर बिना काम कराए फर्जी तरीके से रकम निकालने पर आमादा हैं। करतला क्षेत्र में ऐसे ही एक मामले का खुलासा हुआ। आनन-फानन में भौतिक सर्वेक्षण के बाद सीईओ और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें तीन दिन में जवाब देना होगा। इसमें कार्रवाई भी संभव है।
ग्रामीणों को अपने ही गांव में रोजगार देने से संबंधित मनरेगा योजना से यह मामला जुड़ा है। खबर के अनुसार करतला जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बेहरचुआ में मनरेगा टीम ने इस प्रकार का दुस्साहस किया। पता चला कि एक हितग्राही का बिना निर्माण राशि आहरण कर लेने के मामले और फर्जी निर्माण दर्शाये जाने की जब जांच कराई गई तो 15 ऐसे और मामले सामने आए जिसमें पूरी तरह से फर्जी काम किया गया है। कहीं भी कोई भी निर्माण नहीं हुआ किंतु उनके नाम की राशि आहरण कर ली गई और जिनके नाम पर पैसे निकाले हैं उन्हें भी पता नहीं चला। इस उजागर हुए फर्जीवाड़ा के मामले में सिर्फ नोटिस-नोटिस खेला जा रहा है जबकि अब तक रोजगार सहायक सहित इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लेना चाहिए था। बेहरचुआ के मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी / कार्यकम अधिकारी जनपद पंचायत करतला को जिला सीईओ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एक अन्य नोटिस रोजगार सहायक को भी जारी हुआ है। नोटिस में कहा गया है कि महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत ग्राम पंचायत बेहरचुंआ के रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा के निर्माण कार्यों में अनियमितता किये जाने के संबंध में मौखिक एवं लिखित शिकायत प्राप्त हुई हैं परंतु बार-बार निर्देश के पश्चात् भी आपके (जनपद सीईओ) द्वारा आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है। साथ ही शिकायतकर्ता द्वारा 14 मजदूरों(हितग्राहियों) (जो कार्य नहीं किये गये) की सूची उपलब्ध कराई गई है। आपके(जनपद सीईओ) द्वारा समय-सीमा में कार्यवाही न करने के कारण जिला की छबि धूमिल हो रही है।अधिकारी को कहा गया है कि वह तीन दिन में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे। जवाब समय-सीमा एवं संतोषजनक नहीं पाये जाने पर आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार माने जायेंगे। इसी कड़ी में राजनंदनी महंत, ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत बेहरचुंआ जनपद पंचायत करतला को भी नोटिस जारी किया गया है।
घोटालों के मामले में उदासीन हैं राजनीतिक दल
मनरेगा योजना में ब्लॉक से लेकर जिला स्तर पर बैठे और वर्षो से जमे अधिकारी/कर्मचारी फर्जी डीएसी से फर्जीवाड़ा को अंजाम दे रहे हैं लेकिन जिस तरह से शीर्ष अधिकारियों द्वारा भी मामलों को नजर अंदाज किया जा रहा है, उससे इन्हें बचने का पूरा मौका मिल रहा है। जिले में मनरेगा में फर्जीवाड़े पर होने वाली सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंशा अधूरी हो रही है और जिला व ब्लॉक स्तर पर भ्रष्ट लोगों को बढ़ावा मिल रहा है। दूसरी तरफ, इस तरह के फर्जी मामले उजागर किये जाने के बाद भी क्षेत्रीय और कथित तौर पर जागरुक जनप्रतिनिधियों के द्वारा कोई गम्भीरता नहीं दिखाया जाना भी सवालजनज है। ऐसे फर्जी मामलों में सत्ता पक्ष और विपक्ष का मुखर नहीं होना और वर्तमान तथा पूर्व उजागर मामलों में चुप्पी साध कर बैठे रहना सन्देहास्पद ही है।



