Vedant Samachar

Chhattisgarh CM विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक संपन्न

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  • आदिवासी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बढ़ाया गया बजट, शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई योजनाओं को मिली बड़ी सौगात


कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में आदिवासी क्षेत्रों के विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी बहुल इलाकों में विकास संसाधनों की किसी भी प्रकार से कमी नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि आदिवासी अंचलों के लिए सरगुजा, बस्तर और मध्य क्षेत्र के अलग-अलग विकास प्राधिकरण गठित किए गए हैं, जिससे क्षेत्रवार योजनाओं को तेज़ी से लागू किया जा सके।

शिक्षा और खेल को बढ़ावा


बैठक में आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ की गईं। बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने हेतु भी 10-10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

आधारभूत संरचना और पर्यटन को बढ़ावा


कोरबा जिले के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा क्षेत्र में 37 करोड़ रुपए की लागत से एक्वा पार्क बनाने की घोषणा की गई, जिससे पर्यटन और मत्स्य पालन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

सिंचाई परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार


बैठक में बताया गया कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2800 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

बढ़ा प्राधिकरण का बजट


आदिवासी विकास प्राधिकरण के बजट में भी वृद्धि की गई है। पहले यह 50 करोड़ रुपए का था, जिसे बढ़ाकर अब 75 करोड़ रुपए कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन फैसलों से न केवल आदिवासी समाज को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास की गति भी तेज़ होगी।

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