मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। मामले की तफ्तीश कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने 790 पन्नों की चार्जशीट दायर कर राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके प्रेमी राज सिंह कुशवाहा और उनके 3 साथियों समेत 8 आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
हत्या की साजिश की कहानी
चार्जशीट के अनुसार, राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई 2025 को हनीमून के लिए शिलांग पहुंचे थे और वहां से सोहरा घूमने गए थे। 26 मई को दोनों वहां से लापता हो गए, जिसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 2 जून को राजा का शव वेई सावडोंग झरने के पास गहरी खाई में मिला। जांच में पता चला कि सोनम और उसका प्रेमी राज कुशवाहा पहले से रिश्ते में थे और दोनों ने हनीमून ट्रिप के नाम पर राजा की हत्या की साजिश रची थी।
चार्जशीट में नामजद आरोपी
सोनम रघुवंशी (राजा की पत्नी)
राज सिंह कुशवाहा (सोनम का आशिक)
विशाल सिंह चौहान (राज का साथी)
आकाश सिंह राजपूत (राज का साथी)
आनंद कुर्मी (राज का साथी)
इन सभी पर IPC की धारा 103(1), 238(A), 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
अन्य आरोपी
लोकेंद्र तोमर
बल्ला अहिरवार
शिलोम जेम्स
इन तीनों पर सबूत नष्ट करने का आरोप है। इनके खिलाफ सप्लीमेंटरी चार्जशीट फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद दाखिल की जाएगी।
राजा के परिवार की मांग
राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि वे पुलिस जांच से संतुष्ट हैं लेकिन, हमारी सिर्फ एक ही मांग है सोनम, राज कुशवाहा और उनके सभी साथियों को फांसी दी जाए। सोनम के भाई गोविंद ने कहा कि उन्होंने बहन से सारे रिश्ते तोड़ दिए हैं और वह पीड़ित परिवार के साथ है, लेकिन विपिन ने आरोप लगाया कि गोविंद ने सोनम के लिए वकील खड़े कर दिए हैं।
अगला चरण ट्रायल और सजा
अब इस केस में जल्द ही ट्रायल शुरू होने वाला है। सबूतों की मजबूती को देखते हुए अधिकारियों को भरोसा है कि आरोपियों को सजा से बचना मुश्किल होगा। अदालत में गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूत मामले की दिशा तय करेंगे।



