Vedant Samachar

बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को विदेश नौकरी का झांसा देकर की ठगी, गिरफ्तार

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नई दिल्ली,07 सितम्बर। बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे युवाओं और महिलाओं को विदेश में नौकरी का लालच देकर ठगने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने दिल्ली की रहने वाली एक महिला को सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लगभग 73 हजार रुपये की ठगी की। महिला को नकली टिकट और मेडिकल टेस्ट दिखाकर उसका भरोसा जीता गया, लेकिन जब वह एयरपोर्ट पहुंची, तो उसे पता चला कि पूरी नौकरी का ऑफर फर्जी था।

जानकारी के अनुसार, पीड़िता दिल्ली के जनता मजदूर कॉलोनी की रहने वाली है। 13 अगस्त को उसने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में महिला ने बताया कि आरोपी ने खुद को ‘हज खिदमत यात्रा’ से जुड़ा बताते हुए उसे छह महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का वादा किया। आरोपी ने महिला को आकर्षक सैलरी और फ्री रहने-खाने की सुविधा का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही उसने नकली फ्लाइट टिकट और मेडिकल टेस्ट करवाए। महिला एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद समझी कि पूरा ऑफर झूठा था और वह ठगी की शिकार हो गई। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4)/319(2) के तहत केस दर्ज किया और एक विशेष टीम गठित की। टीम ने तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया साधनों का इस्तेमाल करते हुए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। जांच के बाद पुलिस टीम यूपी के गोंडा जिले के मीना पुर, कोलोनीगंज गांव पहुंची और वहां से आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद आसिफ के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिसका इस्तेमाल वह ठगी की वारदातों में करता था। शुरुआती जांच में पता चला कि आसिफ बेरोजगार लोगों को विदेश में आकर्षक नौकरी का लालच देकर धोखाधड़ी करता था।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी किसी बड़े संगठित गैंग का हिस्सा हो सकता है, जो बेरोजगारों को टारगेट कर विदेश नौकरी के नाम पर ठगता है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के जरिए ऐसे अन्य पीड़ितों और गैंग के बाकी सदस्यों की पहचान की जा रही है। विशेष रूप से साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अपराधों में ठग आमतौर पर बेरोजगार और नौकरी की तलाश में लगे लोगों को टारगेट करते हैं। आरोपियों द्वारा दी जाने वाली सुविधाएँ और दस्तावेज नकली होते हैं, जिससे शिकारों का भरोसा आसानी से जीत लिया जाता है। इस घटना में भी पीड़िता ने नकली टिकट और मेडिकल टेस्ट देखकर पूरी सच्चाई का अंदाजा नहीं लगाया।

दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि विदेश में नौकरी के लिए हमेशा वैध एजेंसी और आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि की जानी चाहिए। कोई भी व्यक्ति अगर ऐसे आकर्षक ऑफर का शिकार होता है, तो तुरंत नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवा सकता है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पुलिस साइबर ठगी के मामलों की जांच और बढ़ा रही है। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि मोहम्मद आसिफ ने कई अन्य लोगों को भी ठगा है। पुलिस के अनुसार, वह अकेला काम नहीं करता और किसी बड़े गैंग का हिस्सा हो सकता है, जो बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देकर ठगता है।

साइबर क्राइम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रकार के अपराध बढ़ रहे हैं और पीड़ितों को वित्तीय नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है। इसलिए पुलिस लगातार तकनीकी निगरानी, सूचना नेटवर्क और मानव खुफिया साधनों के जरिए ऐसे अपराधियों को पकड़ने में जुटी है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की हिरासत में पूछताछ जारी है, और पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान करने के साथ-साथ गैंग के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। वहीं, पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति को विदेश नौकरी के झांसे में फंसने से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहना चाहिए और ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में जागरूक होना चाहिए। यह घटना एक बार फिर से यह दर्शाती है कि बेरोजगारी और नौकरी की तलाश के दौरान लोग आसानी से ठगों के जाल में फंस सकते हैं। पुलिस और साइबर सेल ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं ताकि अन्य लोग सुरक्षित रहें और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके।

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