महाराष्ट्र/लखनऊ,28 नवम्बर 2025। उत्तर, महाराष्ट्र प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड को जन्मतिथि प्रमाण पत्र (Date of Birth Certificate) के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियोजन विभाग की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि किसी प्रमाणित दस्तावेज के आधार पर अनिवार्य रूप से सत्यापित नहीं होती, इसलिए इसे आधिकारिक जन्मतिथि प्रमाण के तौर पर मान्यता नहीं दी जा सकती।
विभाग के विशेष सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नियुक्तियों, सरकारी सेवाओं, आवेदन प्रक्रियाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति, लाइसेंस और उम्र से संबंधित किसी भी प्रकार के सत्यापन कार्य में आधार कार्ड का उपयोग जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में नहीं किया जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आधार बनवाते समय जन्मतिथि कई बार स्वयं घोषित (self-declared) होती है और UIDAI की प्रक्रिया में जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रिकॉर्ड या अस्पताल द्वारा जारी दस्तावेज देना अनिवार्य नहीं है।
सरकार का यह निर्णय UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि को प्रमाणिक नहीं माना जा सकता।
नियोजन विभाग ने सभी शासकीय विभागों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत प्रभाव से आधार कार्ड को DOB प्रमाण के रूप में स्वीकार करना बंद करें और अपने अधीनस्थ कार्यालयों को भी इस संबंध में दिशानिर्देश जारी करें। इसके स्थान पर केवल मान्य दस्तावेज जैसे—जन्म प्रमाण पत्र, हाई स्कूल प्रमाण पत्र, नगर निकाय द्वारा जारी जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड अथवा अन्य अधिकृत दस्तावेज ही मान्य होंगे।



