नई दिल्ली,03 सितम्बर: दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बहुत बढ़ गया है, जिससे बुधवार को शहर के कई निचले इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए। कई कॉलोनियाँ और गाँव जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया और राहत शिविर लगाए हैं।
सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके कौन से हैं?
यमुना के किनारे बसे यमुना खादर, मयूर विहार फेज़-1, निगम बोध घाट, मोनेस्ट्री मार्केट, और आसपास के रिहायशी व व्यावसायिक इलाके पानी में डूब गए हैं।
लोगों को कैसे मदद मिल रही है?
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की कई टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। NDRF के अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि 14-18 टीमें स्टैंडबाय पर हैं और चार टीमें फिलहाल तैनात हैं। इन टीमों ने रात से ही लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया था।
गांवों की हालत कैसी है?
पुराना उस्मानपुर और गढ़ी मेंडू गांव के लोगों को भी बाढ़ का सामना करना पड़ा। यमुना नदी का पानी इन गाँवों में घुस गया, जिससे लोगों को अपने मवेशियों के साथ घर छोड़ना पड़ा। पुराना उस्मानपुर के निवासी राकेश ने बताया कि “जलस्तर बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है और कई घरों में पानी घुस चुका है। दो दिन पहले हमें घर खाली करने को कहा गया था। अब यहाँ राहत शिविर हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी है। गांव में करीब 2,500 लोग रहते हैं, सभी मवेशी सुरक्षित हैं।”
नोएडा में भी बाढ़ का असर
दिल्ली के साथ-साथ यूपी के नोएडा सेक्टर 167 में भी यमुना के आसपास के इलाके पानी में डूब गए हैं। भारी बारिश की वजह से यह हालात बने हैं।
यमुना नदी का जलस्तर कितना बढ़ा?
दिल्ली में यमुना का चेतावनी स्तर 204.5 मीटर है। खतरे का स्तर 205.33 मीटर है। बुधवार को जलस्तर इससे ऊपर चला गया। अब प्रशासन 206 मीटर तक के ऊंचाई वाले इलाकों से भी लोगों को निकालने में लगा है।
मौसम का हाल क्या है?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि आज मध्यम बारिश और बादल छाए रहेंगे। 4 सितंबर को गरज के साथ बारिश होगी। 5 सितंबर को मध्यम बारिश जबकि 6 सितंबर को गरज के साथ बारिश होगी। इसके अलावा, 7-8 सितंबर को बादल छाए रहेंगे। प्रशासन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर भेज रहा है ताकि किसी बड़ी घटना से बचा जा सके।



