Vedant Samachar

नया जमाना, नया सिनेमा, और छत्तीसगढ़ी फिल्म की दमदार कोशिश…

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रायपुर,01सितम्बर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ी सिनेमा की बहु चर्चित फिल्म दंतेला सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म का इंतजार छत्तीसगढ़ के लोग बेसब्री से कर रहे थे। फिल्म के गाने और टीजर ने लोगों को काफी ज्यादा इंप्रेस किया था। नवा जमाना अऊ नवा सिनेमा को केंद्र में रखकर इस फिल्म का निर्माण किया गया था।

जिससे लोगों को काफी ज्यादा उम्मीदें थी तो आईए जानते है कैसी है ये फिल्म… दंतेला फिल्म की कहानी चरचरी गांव और पानी के इर्द-गिर्द बुनी हुई है। जिसमें तीन किरदार हमें प्रमुख रूप से दिखते हैं। पहला परसा राम ( विलेन) दूसरा भैरू ( हीरो) और तीसरा लक्ष्मी ( नायिका)। इन्हीं तीन को केंद्र में रखकर दंतेला की कहानी आगे बढ़ती है। परसा राम खुद को पानी का राजा कहता है और गांव वालों को पानी भरने के लिए केवल 15 मिनट का समय देता है। नायक और नायिका इसका विरोध करते हैं तब फिल्म की असली कहानी शुरू होती है। फिर गुडें और हीरो की लड़ाई, गांव वालों की पीड़ा और दंतेला का खौफ समय समय दर्शकों को एंटरटेन करने का काम करती है।

फिल्म में सस्पेंस और थ्रिल का भी तड़का लगाया गया है, जो कहीं-कहीं पर काम करता है और कहीं पर बेअसर रहता है। दंतेला फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसका निर्देशन ही है। डॉ शातनु पाटनवार की बतौर डायरेक्टर यह पहली फिल्म है लेकिन उनका निर्देशन लोगों को बांध कर रखता है। कैमरा एंगल, बीजीएम और स्टोरी टेलिंग का तरीका दर्शकों को उनकी सीट से बांध कर रखता है।

फिल्म 3 घंटे 23 मिनट लंबी है। जिसे आसानी से काटने की जरूरत महसूस होती है। बाकि संगीत पक्ष अच्छा है। हीरो विलेने की एंट्री पर बैकग्राउंड में बजने वाला गाना अच्छा है। क्लाइमैक्स से कुछ मिनट पहले ‘काली आवत हे’ नाम का गाना भी आता है, जो एक अच्छा थियेटर एक्सपीरियंस दिलाने का काम करता है।

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