डेस्क. कार के इंजन की तरह ही टायर भी उसकी सबसे अहम जरूरतों में से एक हैं. अच्छे टायर न सिर्फ गाड़ी को सड़क पर मजबूत पकड़ दिलाते हैं, बल्कि आपकी ड्राइव को आरामदायक और सुरक्षित भी बनाते हैं. अक्सर लोग टायर बदलते वक्त छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसकी वजह से बाद में पछताना पड़ सकता है. अगर आप भी अपनी कार के लिए नए टायर खरीदने जा रहे हैं, तो इन 4 आसान टिप्स को जरूर ध्यान में रखें.
- टायर का कोड पढ़ना सीखें
हर टायर की साइडवाल पर एक खास कोड लिखा होता है, जैसे – 215/60R17. इसको समझना जरूरी है:
215 : टायर की चौड़ाई (mm)
60 : टायर की ऊंचाई का अनुपात (साइडवॉल रेशियो). कम नंबर का मतलब परफॉर्मेंस ज्यादा, लेकिन आराम थोड़ा कम.
R : रेडियल टायर (आजकल सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला टाइप)
17 : रिम का साइज (इंच में)
- जरूरत और मौसम के हिसाब से टायर चुनें (Car Tyre Buying Guide)
हर टायर हर मौसम और सड़क के लिए सही नहीं होता.
अगर आपको अलग-अलग मौसम और रास्तों पर ड्राइव करना पड़ता है, तो ऑल-सीजन टायर बेस्ट रहेंगे.
गर्म और सूखी जगहों के लिए समर टायर अच्छे रहते हैं.
बर्फ या फिसलन वाली सड़कों पर विंटर टायर बेहतर पकड़ देते हैं.
- ग्रिप, मजबूती और गर्मी सहने की क्षमता देखें (Car Tyre Buying Guide)
टायर की क्वालिटी चेक करने के लिए UTQG मार्किंग देखें. इसमें तीन बातें होती हैं:
टायर कितने समय तक चलेगा (ज्यादा नंबर मतलब ज्यादा टिकाऊ).
ग्रिप – इसकी रेटिंग A से AA तक होती है, जहां AA सबसे बेहतर है.
हीट रेजिस्टेंस – A रेटिंग वाले टायर गर्मी को अच्छी तरह झेल लेते हैं.
साथ ही, टायर का ट्रेड पैटर्न भी देखें क्योंकि कुछ डिजाइन पानी जल्दी बाहर निकालते हैं और कुछ ज्यादा ग्रिप के लिए बनाए जाते हैं.
- मैन्युफैक्चरिंग डेट चेक करना न भूलें (Car Tyre Buying Guide)
पुराना टायर भले ही नया लगे, लेकिन समय के साथ उसकी क्वालिटी घट जाती है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि 6-10 साल से ज्यादा पुराने टायर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
टायर पर DOT कोड के आखिरी 4 अंक उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट बताते हैं. उदाहरण: 0525 का मतलब है कि टायर 2025 के 05वें हफ्ते में बनाया गया.



