शिमला,31अगस्त: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला एक बार फिर प्रकृति के कहर का सामना कर रही है। बीते शनिवार रात से हो रही लगातार तेज बारिश के चलते विकासनगर क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे क्षेत्र में खड़ी पांच गाड़ियां मलबे में दब गईं। घटना काली माता मंदिर के पास की बताई जा रही है, जहां भारी मात्रा में मलबा अचानक नीचे आ गिरा।
मुख्य मार्ग बंद, ट्रैफिक पूरी तरह ठप
भूस्खलन के कारण विकासनगर का मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे दोनों ओर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया। लेकिन सड़क के अवरुद्ध होने से इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
शिमला में सफर हुआ खतरनाक
शहर के अन्य हिस्सों में भी लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन और पेड़ों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे शिमला की कई प्रमुख और आंतरिक सड़कों पर आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें राहत और मलबा हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश उनके कार्य में रुकावट पैदा कर रही है।
फंसी गाड़ियों को निकालने के प्रयास जारी
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में युद्धस्तर पर मलबा हटाने और दबे हुए वाहनों को निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में सहयोग दे रहे हैं। अनुमान है कि यदि बारिश यूं ही जारी रही तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
सेब कारोबार पर संकट के बादल
भूस्खलन और टूटे सड़कों की वजह से सेब सीजन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों और बागवानों ने बताया कि खेतों में पानी भरने के कारण सेब की तुड़ाई रुक गई है। वहीं, खराब सड़कों और बाधित रास्तों के कारण सेब मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहे, जिससे उन्हें भारी नुकसान का डर सता रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों के टूटने से ढुलाई लगभग ठप हो गई है।
24 घंटे का भारी बारिश का अलर्ट
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी और भूस्खलन संभावित इलाकों में जाने से बचें। साथ ही नदी-नालों और ढलानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके मद्देनज़र किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।



