बिलासपुर, 1 अप्रैल (वेदांत समाचार): बिलासपुर में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की रहने वाली नाबालिग छात्रा की उसके बॉयफ्रेंड ने हत्या कर दी। विवाद के बाद उसने चलती ट्रेन से गर्लफ्रेंड को धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिर गई और उसकी मौत हो गई। घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र की है। नाबालिग 28 मार्च की रात से लापता थी। जांच में सामने आया है कि वह अपने बॉयफ्रेंड मोहन वर्मा और दो युवक के साथ घर से निकली थी। सभी कोरबा जा रहे थे, इस दौरान गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
इसके बाद बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड को धक्का दे दिया। हालांकि इस पूरे मामले की जांच खैरागढ़ थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बॉयफ्रेंड और उसके साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सोमवार को मस्तूरी पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम किसान-परसदा स्थित रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात लड़की का शव पड़ा है। पहचान नहीं होने पर पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को मॉर्च्यूरी में रखवा दिया। इसके साथ ही लड़की का फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। साथ ही आसपास के थानों को भी इसकी सूचना दी गई। इस बीच पुलिस को जानकारी मिली कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के चिचोला की रहने वाली 14 वर्षीय छात्रा देविका वर्मा 28 मार्च की रात परिजनों को बिना बताए घर से लापता हो गई थी।
परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। इस पर अपहरण की आशंका में मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी। बिलासपुर के मस्तूरी में शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया, जिसके बाद उन्होंने शव की पहचान देविका वर्मा के रूप में की। इसके बाद मस्तूरी पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया और केस डायरी खैरागढ़ पुलिस को भेज दी। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए खैरागढ़ पुलिस ने तेज की और ग्रामीणों से पूछताछ की, जिसके आधार पर पुलिस ने बॉयफ्रेंड मोहन, हरीश वर्मा और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में सामने आया कि देविका तीनों के साथ डोंगरगढ़ से वेनगंगा एक्सप्रेस में सवार होकर कोरबा के लिए रवाना हुई थी।
ट्रेन रविवार सुबह कोरबा पहुंचने वाली थी। इसी दौरान यात्रा के बीच किसी बात को लेकर मोहन और देविका के बीच विवाद हो गया, जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। इसी दौरान मोहन ने देविका को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिर गई और उसकी मौत हो गई। एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने बताया कि देविका 8वीं में पढ़ती थी और अपने परिवार की चार बहनों में से एक थी। पिता शैलेंद्र वर्मा स्थानीय हाईस्कूल में स्वीपर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि माता आंगनबाड़ी में रसोइया हैं।