Vedant Samachar

पथरी की समस्या क्या आयुर्वेदिक दवाओं से ठीक हो सकती है?

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आजकल बदलती लाइफस्टाइल, कम पानी पीना, जंक फूड का सेवन और शरीर में यूरिक एसिड या मिनरल्स का इम्बैलेंस बढ़ने से किडनी स्टोन, ब्लैडर स्टोन और यूरिन नली में रुकावट जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. किडनी या ब्लैडर में जब कैल्शियम, ऑक्जेलेट या यूरिक एसिड क्रिस्टल इकट्ठा होकर जम जाते हैं तो पथरी बनती है. यह पथरी छोटी हो तो पेशाब के साथ निकल सकती है, लेकिन बड़ी पथरी तेज दर्द, पेशाब रुकने और इंफेक्शन का कारण बनती है. इन समस्याओं में पतंजलि की अश्मरीहर क्वाथ फायदेमंद है. आइए जानें.

पथरी या मूत्र नली में रुकावट केवल दर्द ही नहीं देती, बल्कि धीरे-धीरे शरीर के कामकाज को भी प्रभावित करती है. बड़ी पथरी के कारण यूरिन का बहाव रुक जाता है, जिससे किडनी पर दबाव बढ़ता है और उनकी कार्यक्षमता घटने लगती है. बार-बार पेशाब रुकने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. लंबे समय तक समस्या रहने पर किडनी डैमेज या ब्लैडर की मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है. तेज दर्द, उल्टी, जी मिचलाना और कमजोरी जैसी शिकायतें भी जुड़ जाती हैं. यही कारण है कि समय रहते सही उपचार करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचा जा सके.

अश्मरीहर क्वाथ पथरी के लिए कैसे असरदार है?
पतंजलि का अश्मरीहर क्वाथ एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे विशेष रूप से किडनी स्टोन, ब्लैडर स्टोन और यूरिन संबंधी समस्याओं के लिए तैयार किया गया है. इसमें कई प्रभावशाली जड़ी-बूटियां शामिल हैं जैसे गोक्षुर, पाषाणभेद, वरुण, और पुनर्नवा. ये सभी चीजें पेशाब बढ़ाने, सूजन कम करने वाले और शरीर से टॉक्सिक तत्व बाहर निकालने वाले गुणों से भरपूर हैं.

गोक्षुर यूरिन को साफ करता है, यूरिन फ्लो को बढ़ाता है और पथरी को बाहर निकालने में सहायक होता है. पाषाणभेद का नाम ही पत्थर को तोड़ने वाला है, यह पथरी को धीरे-धीरे गलाकर निकालने में मदद करता है. वरुण की छाल यूरिन नली की सूजन कम करती है और संक्रमण से बचाव करती है, जबकि पुनर्नवा शरीर से अतिरिक्त पानी व टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार है. यह बिना डॉक्टर की पर्ची के आसानी से उपलब्ध है और पथरी की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक सुरक्षित व प्रभावी विकल्प माना जाता है.

इन चीजों का रखें ध्यान
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि यूरिन साफ रहे.

ज्यादा नमक और तैलीय भोजन से बचें.

जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक कम से कम लें.

डॉक्टर की सलाह से ही नियमित रूप से अश्मरीहर क्वाथ का सेवन करें.

अगर दर्द ज्यादा हो या पेशाब बिल्कुल रुक जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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