शहडोल,22अगस्त । जिले के हरिजन-आदिवासी मोहल्ले में बीती रात से बिजली सप्लाई काट दी गई, जिससे उनके सामने बड़ा बिजली संकट खड़ा हो गया है। 1500 से ज्यादा लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। जिससे गृहणियों, किसानों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
1500 से ज्यादा लोग अंधेरे में जीने को मजबूर
जानकारी के मुताबिक, जिले के ब्यौहारी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत निपनिया मेंल उस वक्त बड़ा संकट उत्पन्न हो गया, हरिजन-आदिवासी मोहल्ले में बीती रात से अचानक बिजली सप्लाई काट दी गई, जिससे करीब 250 घरों की बस्ती और 1500 से ज्यादा लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। बच्चों को लालटेन और ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ रही है। वहीं गृहणियों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण बीरबल कोल ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही और कर्मचारियों की मिलीभगत से पूरे मोहल्ले को अंधेरे में धकेल दिया गया है। बच्चों की पढ़ाई ठप है, महिलाएं और बुजुर्ग परेशान हैं, और किसानों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है।
नगद वसूली करने के बावजूद नहीं देता रसीद
निपनिया पंचायत के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग में कार्यरत एक आउटसोर्स कर्मचारी के द्वारा गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कर्मचारी बिजली बिल के नाम पर 2 से 3 हजार रुपये तक नगद वसूली करता है, लेकिन उसकी रसीद जारी नहीं की जाती। ग्रामीणों का कहना है कि वे ऑनलाइन भुगतान और बिलिंग प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर कर्मचारी मनमानी कर रहा है। कई आदिवासी और हरिजन परिवारों का आरोप है कि रसीद न मिलने के चलते उनका बकाया बिल दर्ज नहीं हो रहा और इसका सीधा असर उनके बिजली कनेक्शन पर पड़ रहा है।
250 घरों की कटी बिजली
ऑनलाइन बिलिंग व्यवस्था से अनभिज्ञता और कर्मचारी की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ा। बकाया राशि दिखने के चलते अब तक लगभग 250 घरों की बिजली आपूर्ति काट दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि निपनिया पंचायत में इस तरह की समस्या बार-बार सामने आती रही है। भ्रष्टाचार और मनमानी के कारण गरीब परिवार दोहरी मार झेल रहे हैं, एक ओर बिजली बिल का बोझ और दूसरी ओर अंधेरे में जिंदगी गुजारने की मजबूरी।
