इंदौर, 21 मार्च, 2026: देश की सबसे बड़ी फंड हाउस, एसबीआई म्यूचुअल फंड ने आईपीओ के जरिए फंड जुटाने के लिए सेबी के पास अपने शुरुआती दस्तावेज दाखिल किए हैं।
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के अनुसार, यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत होगा, जिसमें करीब 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर्स बेचे जाएँगे। इसमें कंपनी की तरफ से कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा।
इस ऑफर के तहत प्रमोटर्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड, एसबीआई और पेरिस स्थित अमुंडी के बीच एक जॉइंट वेंचर है, जिसमें दोनों की हिस्सेदारी क्रमशः 61.98 प्रतिशत और 36.40 प्रतिशत है।
दिसंबर 2025 तक कंपनी का क्वार्टरली एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (क्यूएएयूएम) करीब 12.5 लाख करोड़ रुपए रहा, जिससे यह देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी बनी हुई है।
एसबीआई म्यूचुअल फंड की स्थापना 1987 में एसबीआई द्वारा की गई थी और यह भारत का पहला नॉन-यूटीआई म्यूचुअल फंड था।
इस इश्यू को मैनेज करने के लिए कई मर्चेंट बैंकर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज़ इंडिया, एचएसबीसी सिक्योरिटीज़ एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज़, जेफरीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र्स और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स शामिल हैं।
