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Ration Card Cencelled in Chhatisgarh: छत्तीसगढ़ में 3000 राशन कार्ड निरस्त.. अब BPL के 63 हजार से ज्यादा कार्ड पर नजर, ये बताई जा रही है वजह..

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0 सरकार ने राशन कार्ड का डेटा कई मंत्रालयों और विभागों से मिलाया। इसमें इनकम टैक्स विभाग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का डाटाबेस शामिल था। इसके आधार पर यह तय किया गया कि कौन लोग राशन कार्ड और मुफ्त अनाज के लाभ लेने के योग्य नहीं हैं।

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर क्षेत्र में खाद्य एवं वितरण विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां जांच के बाद करीब 3000 राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया है। यह सभी ऐसे कार्ड थे जो निष्क्रिय थे और लम्बे वक़्त से यह अपडेट नहीं किये गए थे। साथ ही इन कार्ड से काफी वक्त से राशन का उठाव भी नहीं किया गया था। सरकार ने इन्हे फर्जी मानते हुए इन्हे निरस्त करने की कार्रवाई की है।

इसी तरह अब विभाग की नजर 63 हजार 134 गरीबी रेखा वाले राशन कार्ड पर भी है। इन्हे भी कभी निरस्त किया जा सकता है। यह कार्ड भी पूरी तरह से निष्क्रिय है। एकसाथ बड़े पैमाने पर हुए निरस्तीकरण की कार्रवाई से यह साफ़ है कि आने वाले दिनों में फिर से इसी तरह की जाँच और कार्रवाई की जा सकती है।

केंद्र सरकार ने बनाई है सूची
Ration Card Cencelled in Chhatisgarh: गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने राशन कार्ड धारकों की लिस्ट में बड़ी छंटनी करना शुरू कर दिया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने पहली बार ऐसे कार्डधारकों की पहचान की है, जो नियमों के अनुसार मुफ्त अनाज पाने के पात्र नहीं हैं। सरकार की तैयार की गई इस नई लिस्ट में करीब 1.17 करोड़ लोगों के नाम शामिल हैं।

किन्हें अपात्र माना गया?
विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह सूची तीन तरह के लाभार्थियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। जिनके पास चार पहिया गाड़ी यानी कार है। जो इनकम टैक्स चुकाते हैं या फिर जो किसी कंपनी में निदेशक हैं। क्रॉस-वेरिफिकेशन में पाया गया कि इनमें से लगभग 94.71 लाख लोग इनकम टैक्सपेयर्स हैं, 17.51 लाख के पास कारें हैं और 5.31 लाख लोग कंपनियों में निदेशक के पद पर हैं।

कैसे हासिल किया गया डाटा?
Ration Card Cencelled in Chhatisgarh: सरकार ने राशन कार्ड का डेटा कई मंत्रालयों और विभागों से मिलाया। इसमें इनकम टैक्स विभाग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का डाटाबेस शामिल था। इसके आधार पर यह तय किया गया कि कौन लोग राशन कार्ड और मुफ्त अनाज के लाभ लेने के योग्य नहीं हैं।

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