रायपुर, 20 अगस्त I गणेश उत्सव को लेकर रायपुर जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी की है। एडिशनल उमाशंकर बंदे और एडिशनल एसपी लखन पटले ने गणेश उत्सव समितियों की बैठक ली। गणेश उत्सव के दौरान सभी समितियों को एनजीटी के निर्देशों को पालन करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर पंडाल लगाने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वहीं रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हर पंडाल में CCTV कैमरा लगाना अनिवार्य होगा।

बैठक में मौजूद गणेश समितियां
प्रशासन के निर्देश
- रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र वर्जित।
- हर पंडाल में CCTV कैमरा अनिवार्य।
- एनजीटी और शासन के दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी।
- समितियां स्वयंसेवक तैनात करेंगी और रात में विशेष निगरानी करेंगी।

बैठक में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
झांकी और विसर्जन व्यवस्था
बैठक में बताया गया कि झांकियां केवल निर्धारित रूट शारदा चौक – जयस्तंभ – मालवीय रोड – कोतवाली चौक – सदरबाजार – सत्तीबाजार – कंकालीपारा – पुरानी बस्ती थाना – लीलीचौक – लाखेनगर – रायपुरा – महादेवघाट से ही निकलेंगी।
- शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक तक झांकी पर रोक रहेगी।
- विसर्जन केवल महादेवघाट कुंड में ही होगा।
- झांकी/विसर्जन में अग्निशमन यंत्र, फायर फाइटर और प्रशिक्षित स्वयं सेवक का रहना अनिवार्य।
- अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन प्रतिबंधित।
- विसर्जन के बाद पूजा सामग्री, फूल, प्लास्टिक आदि केवल नगर निगम के निर्धारित स्थल पर ही डाले जाएंगे।
सुरक्षा के लिए खास निर्देश
- बैठक में समितियों से कहा गया है कि झांकियों की ऊंचाई बिजली तारों से सुरक्षित दूरी पर रखी जाए।
- जनरेटर और वायरिंग सुरक्षित स्थिति में हों।
- समितियां अपने सदस्यों व स्वयंसेवकों की सूची थाना प्रभारी को दें।
- विसर्जन के समय छोटे बच्चों और बुजुर्गों को साथ लाने से बचें।



