गर्मियों में नाक से खून आना आम बात मानी जाती है खासकर जब मौसम बहुत गर्म और सूखा हो. अधिकतर लोग इसे सिर्फ मौसम का असर या शरीर में पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. गर्मी, रूखी हवा या शरीर में पानी की कमी के कारण भी नाक से खून आ सकता है. लेकिन जब यह नियमित रूप से होने लगे, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए. समस्या बार-बार हो रही हो तो यह आपके शरीर के भीतर छुपे किसी गंभीर रोग का इशारा भी हो सकता है
नाक से बार-बार खून आना सिर्फ मौसम का असर नहीं है, यह आपके शरीर में हो रहे गंभीर बदलावों का संकेत भी हो सकता है. खासतौर पर हाई बीपी जैसी “साइलेंट किलर” बीमारी का यह शुरुआती लक्षण बन सकता है. अगर समस्या बार-बार हो रही हो, खून की मात्रा अधिक हो या इसके साथ बेहोशी और सीने में दर्द जैसी गंभीर शिकायतें हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. हाई ब्लड प्रेशर को समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो यह स्ट्रोक या हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों को जन्म दे सकता है.
हाई ब्लड प्रेशर और नाक से खून का कनेक्शन– नाक के अंदर बेहद बारीक और blood vessels होती हैं जिन्हें कैपिलरीज़ कहते हैं. जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा होता है तो यह बारीक नसें उस दबाव को झेल नहीं पातीं और फट जाती हैं- जिससे नाक से खून निकलने लगता है. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में एपिस्टैक्सिस कहा जाता है. यह विशेषकर तब होता है जब बीपी 160/100 mmHg से ऊपर चला जाए. कई बार ऐसा भी देखा गया है कि जिन लोगों को पहले से हाई बीपी का पता नहीं होता, उनके लिए बार-बार नाक से खून आना एक चेतावनी संकेत साबित हो सकता है.
सिर्फ गर्मी नहीं, ध्यान देने योग्य लक्षण
गर्मी, रूखी हवा या शरीर में पानी की कमी के कारण भी नाक से खून आ सकता है, लेकिन जब यह नियमित रूप से होने लगे तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए. अगर नाक से खून आने के साथ-साथ चक्कर आना, सिर दर्द, थकावट, धुंधलापन या सांस फूलने जैसे लक्षण भी महसूस हों तो यह जरूर हाई बीपी की ओर इशारा कर सकता है.
नाक से खून आने पर क्या करें?
सबसे पहले घबराएं नहीं. व्यक्ति को सीधा बैठाएं और सिर थोड़ा आगे की ओर झुकाएं ताकि खून गले में न जाए. नाक के ऊपरी हिस्से को हल्के से 5 से 10 मिनट तक दबाएं. माथे पर ठंडी पट्टी या बर्फ रखने से नसों को आराम मिलेगा और ब्लीडिंग रुक सकती है. अगर नाक से खून 20 मिनट से ज्यादा रुके नहीं, या बार-बार यह स्थिति हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.
कब बनती है यह गंभीर स्थिति?
अगर नाक से खून बहुत ज्यादा बह रहा हो या इसके साथ बेहोशी, सीने में दर्द, तेज सिरदर्द या धुंधला दिखना हो तो यह आपातकालीन स्थिति मानी जाती है. ऐसे में बिना समय गंवाए अस्पताल जाना चाहिए क्योंकि यह स्ट्रोक या हार्ट अटैक का लक्षण भी हो सकता है.
बचाव के उपाय
हाई ब्लड प्रेशर से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप नियमित रूप से बीपी की जांच करवाते रहें. नमक का सेवन कम करें, तनाव को नियंत्रित रखें और नियमित व्यायाम करें. पानी की पर्याप्त मात्रा पीना और वातावरण में नमी बनाए रखना भी जरूरी है. नाक में नारियल तेल या घी की हल्की सी मालिश करने से भी सूखापन कम होता है.



