ग्वालियर,19अगस्त। बहुचर्चित अर्चना तिवारी गुमशुदगी मामले में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। अब इस केस में ग्वालियर के पुलिस आरक्षक का नाम सामने आया है। जिसने अर्चना के ट्रेन की टिकट करवाई थी। आरक्षक की पहचान राम तोमर के तौर पर हुई है। जो ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में तैनात है। नाम सामने आने के बाद पुलिस ने आरक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में आरक्षक ने जीआरपी के सामने टिकट बुक करने की बात स्वीकार की है, हालांकि, उसका दावा है कि, इस टिकट पर अर्चना ने यात्रा नहीं की थी। साथ ही, यात्रा से पहले अर्चना और आरक्षक के बीच बातचीत भी हुई थी।
जानिए क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रहने वाली 29 साल की अर्चना तिवारी इंदौर इंदौर में सिविल जज की तैयारी कर रही थीं. रक्षाबंधन मनाने के लिए 7 अगस्त को युवती इंदौर के सत्कार गर्ल्स हॉस्टल से नर्मदा एक्सप्रेस के B3 में सवार होकर कटनी के लिए निकली थी। तभी भोपाल और नर्मदापुरम के बीच रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं। उसका बैग उमरिया रेलवे स्टेशन पर बरामद हुआ था।
12 दिन बीत जाने के बाद भी अर्चना का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस, जीआरपी और SDRF ने भोपाल, इटारसी, जबलपुर, और कटनी से लेकर बिलासपुर तक सर्चिंग अभियान चलाया है। यहां तक की मिडघाट के जंगलों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, और सहयात्रियों से पूछताछ के आधार पर जांच कर रही है।
परिजनों ने रखवाई घर में पूजा
अर्चना तिवारी की सलामती के लिए परिजनों ने घर में महामृत्यु का जाप करवाया है। वहीं, परिजनों ने मानव तस्करी की आशंका भी जताई है, और मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। लेकिन, 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली है।



