Vedant Samachar

पहले की तुलना में भूख हो गई है कम, ये किन बीमारियों का संकेत हो सकता है?

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नई दिल्ली,16अगस्त : कभी ऐसा हुआ है कि आपका पसंदीदा खाना सामने रखा हो, लेकिन खाने का मन ही न करे? पहले जो आप दो रोटियां आसानी से खा लेते थे लेकिन अब एक से ही पेट भर जाता है या खाने की इच्छा नहीं होती. कई लोग इसे बस थकान, मौसम या मूड का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर ये स्थिति बार-बार हो रही है और लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. क्योंकि भूख का कम होना कई बार शरीर के अंदर चल रही किसी गंभीर समस्या का पहला संकेत हो सकता है.

मौमस बदलने के कारण भूख पर असर- कभी-कभी ये सिर्फ लाइफस्टाइल, नींद की कमी, स्ट्रेस या मौसम बदलने की वजह से भी होता है. उदाहरण के लिए, गर्मी के मौसम में या बरसात के दौरान कई लोगों का मेटाबॉलिज्म थोड़ा स्लो हो जाता है, जिससे भूख कम लगती है. लेकिन अगर आप नोटिस करें कि ये बदलाव लगातार हफ्तों तक बना हुआ है और इसके साथ थकान, वजन कम होना, कमजोरी या पेट की तकलीफ जैसी समस्याएं भी हो रही हैं, तो ये किसी बड़ी बीमारी की ओर इशारा कर सकता है.

1- पाचन खराब रहे तो भूख हो जाती है कम

अब सवाल ये है कि आखिर कौन-सी बीमारियां भूख पर इस तरह असर डालती हैं? सबसे पहले, पेट और पाचन से जुड़ी बीमारियां जैसे गैस्ट्राइटिस, अल्सर या लिवर की समस्या भूख को कम कर सकती हैं. इन बीमारियों में अक्सर पेट भारी लगना, थोड़ी-सी खाने पर ही भरा हुआ महसूस होना और कभी-कभी उल्टी या मतली की शिकायत भी होती है. दूसरी ओर अगर थायरॉयड हार्मोन का स्तर बिगड़ जाए तो भी भूख पर असर पड़ता है. हाइपोथायरॉयड में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे भूख कम हो सकती है, वहीं हाइपरथायरॉयड में कभी-कभी उल्टा असर होता है.

2- तनाव में भूख हो जाती है कम

भूख का कम होना सिर्फ पेट या थायरॉयड की दिक्कत का मामला नहीं है कई बार ये डायबिटीज, किडनी की बीमारी, हार्ट फेलियर या यहां तक कि कुछ तरह के कैंसर का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है. कुछ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं, जैसे डिप्रेशन या एंग्जायटी भी भूख को प्रभावित करती हैं. डिप्रेशन में अक्सर खाना खाने का मन नहीं करता और लोग बिना वजह वजन खोने लगते हैं.

3- शरीर में बदलाव पर भूख का कम होना

एक और कारण हो सकता है शरीर में संक्रमण. जैसे टीबी (क्षयरोग), वायरल हेपेटाइटिस या किसी भी तरह का क्रॉनिक इंफेक्शन, इन बीमारियों में शरीर अपनी ऊर्जा इंफेक्शन से लड़ने में लगाता है और भूख स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है. कई बार इन बीमारियों की दवा लंबे समय तक लेने से शरीर पर नेगेटिव असर पड़ता है जिससे भूख कम हो जाती है.

4- डॉक्टर से कब मिलें

तो आखिर समाधान क्या है? अगर आपकी भूख कुछ दिनों के लिए कम है और फिर वापस सामान्य हो जाती है, तो चिंता की बात नहीं है. लेकिन अगर ये बदलाव 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक बना हुआ है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है. ब्लड टेस्ट, लिवर फंक्शन, थायरॉयड और शुगर लेवल की जांच से कई बातें साफ हो सकती हैं.

5- अपनी डाइट और रूटीन पर ध्यान दें-

दिन में छोटे-छोटे मील खाएं
हाई प्रोटीन और फाइबर युक्त चीजें लें


पानी की कमी न होने दें


शरीर में थकावट है तो पर्याप्त नींद लें


डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लें


मेडिटेशन, योग या हल्की वॉक जैसी एक्टिविटीज करें


भूख का कम होना हमेशा मामूली बात नहीं होती. ये शरीर का तरीका है आपको किसी छुपी हुई परेशानी के बारे में अलर्ट करने का. समय पर सही कदम उठाकर आप न सिर्फ अपनी भूख वापस ला सकते हैं, बल्कि उस बीमारी को भी समय रहते पकड़ सकते हैं. देर न करें, अपने शरीर की सुनें और जरूरत पड़ने पर तुरंत जांच करवाएं.

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