Vedant Samachar

जहाँ कभी नक्सल का झंडा लहराता था, वहाँ आज पहली बार फहराया गया तिरंगा, अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

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सोनपुर,16अगस्त: 133वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल ने 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े गर्व और उत्साह के साथ न केवल मुख्यालय सोनपुर में, बल्कि पहली बार सीओबी गरपा, सीओबी कंडुलनार और सीओबी होराडी जैसे अबूझमाड़ के भीतरी, अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी मनाया। ये सभी स्थान लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के गढ़ रहे हैं, जहाँ पूर्व में भय और असुरक्षा के कारण ऐसे सार्वजनिक समारोह आयोजित नहीं हो पाते थे।

इस वर्ष सीमा सुरक्षा बल की अथक कोशिशों, स्थानीय जनता के सहयोग और क्षेत्र में स्थापित विश्वास के परिणामस्वरूप, इन दूरस्थ इलाकों में भी राष्ट्रीय ध्वज लहराया गया। ध्वजारोहण के दौरान स्थानीय ग्रामीण, महिलाएँ, बच्चे, शिक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। गरपा, कंडुलनार और होराडी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, देशभक्ति गीतों और नारों से वातावरण गुंजायमान रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल बना।

कमांडेंट कमल शर्मा ने इस अवसर पर बल के जवानों और स्थानीय नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि यह साबित करता है कि शांति, एकता और विकास, भय और हिंसा पर विजय पा सकते हैं। समारोह के अंत में सभी स्थानों पर ग्रामीणों, जवानों और बच्चों के बीच मिठाइयाँ वितरित की गईं, जिससे यह ऐतिहासिक दिन सौहार्द और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ।

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