Vedant Samachar

कोरबा में गौठान में गायों की मौत: सभापति ने कहा- यह गौ हत्या है

Vedant samachar
6 Min Read


कोरबा, 14 अगस्त 2025: कोरबा में एक गौठान में गायों की मौत का मामला सामने आया है। नगर निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने इसे गौ हत्या बताते हुए कहा है कि इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

गौठान में गायों की मौत की जानकारी मिलते ही सभापति नूतन सिंह ठाकुर मौके पर पहुंचे और उन्होंने पाया कि गायों को चारा-पानी नहीं दिया जा रहा था। गायों की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सभापति ने कहा कि यह गौ हत्या है।

इस मामले में नगर निगम के अधिकारी सिविल लाइन थाना में एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी पहुंचे थे ऐसी जानकारी मिली हैं।

गौठान में गायों की मौत के मामले ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए हैं। यह सवाल उठता है कि क्या नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे हैं या नहीं।

इस मामले की जांच के लिए नगर निगम ने एक समिति का गठन किया है। समिति को इस मामले की जांच करने और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने का निर्देश दिया गया है।

गौठान में गायों की मौत के मामले ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान ने बताया कि उन्होंने गौठान की वीडियो बनाई थी, जिसमें गायों की दुर्दशा को दिखाया गया था। उन्होंने बताया कि गौठान में गायों को चारा-पानी नहीं दिया जा रहा था और उन्हें मारने के लिए छोड़ दिया गया था।

इस मामले में नगर निगम के आयुक्त आशुतोष पांडेय ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। उन्होंने बताया कि समिति को इस मामले की जांच करने और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने का निर्देश दिया गया है।

भारतीय जनता पार्टी की सरकार गौवंश का संरक्षण के लिए जहां बढ़ावा देने के साथ-साथ तमाम तरह की योजनाओं पर काम करने दावा करती है वहीं इसी सरकार के सरकारी तंत्र में सरकारी अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण, यह कहना गलत ना होगा कि कहीं ना कहीं सरकारी संरक्षण में गौवंश की हत्या हो रही है। कोरबा में ऐसा मामला सामने आया है जिसमें सरकारी अधिकारियों की लापरवाही और घोर नजरअंदाजी के कारण कई मवेशियों ने दम तोड़ा है, वे कांजी हाउस में मरणासन्न अवस्था में मिले तो वहीं उनके कोटना में ना तो चारा मिला, ना पानी। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने इन बेजुबान गौवंशों का चारा डकार लिया, उनका पानी पी गए।
यह मामला नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत वार्ड खरमोरा से लगे गोकुल नगर गौठान जिसे कांजी हाउस भी कहा जाता है वहां देखने को मिला। युवा अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान किसी कार्य से गोकुल नगर की तरफ गए थे तो अनायास उनकी नजर इस गौठान पर पड़ गई जहां उन्होंने मवेशियों की दुर्दशा को देखा तो उनसे रहा नहीं गया। गौठान के नजदीक से अंदर का हाल देखा तो उनका भी दिल दहल उठा। उन्होंने इस पूरे क्षेत्र की वीडियो बनाते हुए साझा किया है।

0 0 सभापति ने कहा-यह गौ हत्या है

सभापति नूतन सिंह ने इसे घोर व अक्षम्य लापरवाही बताते हुए कहा कि गायों की मौत सामान्य नहीं, बल्कि क्रूरता के साथ उनकी हत्या हुई है। उन्होंने इस मामले को “गौ हत्या” बताते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति, चाहे वह निगम का अधिकारी हो, कर्मचारी हो, ठेकेदार हो या लेबर सप्लायर हो, उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। सभापति ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस चेतावनी के बाद नगर निगम के अधिकारी दौड़े-भागे सिविल लाइन थाना पहुंचे। समाचार लिखने तक एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई जारी थी।

0 नहीं मिला मानदेय,तो आना बंद कर दिए
इस दौरान पूछताछ में यह बात सामने आई की रसीद खान को लड़के रख कर गौठान में मवेशियों की देखरेख के लिए कहा गया था। जब यहां कार्यरत लड़कों को बुलवाया गया तो उन्होंने बताया कि 6 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है तब ऐसे में वह काम नहीं कर सके और गौठान को छोड़कर चले गए। इसी तरह इन मवेशियों के इलाज पानी के संबंध में जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि पशु चिकित्सक यहां बीच-बीच में आकर इलाज पानी करते हैं। पशु चिकित्सक को तलब किया गया तो उन्होंने आकर बताया कि वह हर 15 दिन में यहां आते हैं और आवश्यक इलाज पानी कर चले जाते हैं। अब सवाल जायज है कि जब नगर निगम के खर्चे से यह गौठान/ कांजी हाउस संचालित हो रहा है, नगर निगम के खाते से कांजी हाउस में रहने वाले मवेशियों के लिए चारा-पानी की राशि निकल रही है तो आखिर इसे डकार कौन रहा है? क्या बेजुबानों के हक का भी चारा-पानी भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलीभगत से हजम कर लिया है,इसकी जांच होगी।

Share This Article