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भुइयां ऐप में पटवारी की आईडी हैक कर भू-माफियाओं ने किया खेल, 2 सस्पेंड, 18 पटवारियों का तबादला

दुर्ग,13अगस्त (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सनसनीखेज जमीन घोटाला सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने भुइयां ऐप में पटवारी की आईडी हैक कर 765 एकड़ सरकारी और निजी जमीन की बंदरबांट की। मुरमुंदा पटवारी हल्का के चार गांवों—मुरमुंदा, अछोटी, चेटुवा और बोरसी में इस घोटाले को अंजाम दिया गया। भू-माफियाओं ने न केवल जमीनों को फर्जी तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज किया, बल्कि सरकारी जमीन को बैंक में गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का लोन भी हासिल कर लिया।

जिला प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पटवारियों—पाटन के मनोज नायक और मुरमुंदा के कृष्ण कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, 18 अन्य पटवारियों का दूसरे हल्कों में तबादला किया गया है।

जांच में पता चला कि मुरमुंदा हल्का क्रमांक 16 के पटवारी की आईडी हैक कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने बताया कि लगभग 765 एकड़ जमीन में हेराफेरी की गई, जिसे धारा 115/16 के तहत दर्ज कर सुधार लिया गया है।

जमीन सिंडिकेट के तार रायपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा से जुड़े

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस जमीन सिंडिकेट के तार रायपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा समेत अन्य जिलों से जुड़े हैं। जिला प्रशासन ने मामले की जानकारी राज्य सरकार के भू-राजस्व अभिलेख शाखा के आयुक्त को दी, जिसके बाद विभाग ने गहन जांच शुरू की।

इस मामले में डिप्टी सीएम और जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, मीडिया के माध्यम से 765 एकड़ जमीन घोटाले की जानकारी मिली है। इतनी बड़ी हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे कोई भी सिंडिकेट हो, विष्णुदेव सरकार में सुशासन के साथ सुदर्शन भी है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

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