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462 KM सेक्शन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस, अब कोतरलिया-जामगा स्टेशन में भी ऑटो सिग्नल प्रणाली…

462 KM सेक्शन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस, अब कोतरलिया-जामगा स्टेशन में भी ऑटो सिग्नल प्रणाली…

बिलासपुर,06अगस्त (वेदांत समाचार) : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में ट्रेनों की सुरक्षित और सुगम आवाजाही के लिए रेलवे ट्रैक को ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। कोतरलिया से जामगा के बीच 36 किलोमीटर ट्रैक पर ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही बिलासपुर जोन में अब 462 किलोमीटर का दायरा अत्याधुनिक तकनीक से लैस हो गया है। इससे अब एक ट्रैक पर एक साथ एक से अधिक ट्रेनें चल सकती हैं।

दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को बेहतर, सुविधाजनक, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ क्षमता में वृद्धि के लिए आधुनिक और उन्नत तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। इसमें ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत कोरबा-गेवरा रूट से लेकर चांपा और नागपुर के बाद कोतरलिया-जामगा तक करीब 462 किलोमीटर तक ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस हो गया है।

इस प्रणाली के तहत स्टेशन यार्ड के बाद हर एक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए गए हैं। इससे ट्रेनों को एक-दूसरे के पीछे सुरक्षित रूप से चलने की सुविधा मिलती है। यदि किसी सिग्नल में तकनीकी गड़बड़ी होती है, तो पीछे आने वाली ट्रेन को रुकने का अलर्ट मिल जाता है। यह सिस्टम बिलासपुर–घुटकू, नागपुर–दुर्ग, चांपा–गेवरा रोड सहित कई रूटों पर भी सक्रिय है। अन्य महत्वपूर्ण रूटों पर भी काम तेजी से जारी है।

नई व्यवस्था में स्टेशन यार्ड के एडवांस स्टार्टर सिग्नल से आगे लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर पर सिग्नल लगाए गए हैं। जिसके चलते सिग्नल के सहारे ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे चलती रहती हैं। अगर किसी कारण से आगे वाले सिग्नल में तकनीकी खामी आती है, तो पीछे चल रही ट्रेनों को भी इसकी सूचना मिल जाएगी। इससे जो ट्रेन जहां है, वहीं रुक जाएगी।

462 KM ट्रैक पर ऑटो सिग्नल


दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में बिलासपुर-दगोरी, बिलासपुर-घुटकू, बिलासपुर-चांपा-गेवरा रोड, नागपुर-दुर्ग, भिलाई-कुम्हारी और कोतरलिया-जामगा सहित कुल 462 किलोमीटर सेक्शन पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की गई है। कोतरलिया से जामगा तक 9 किलोमीटर लंबे इस खंड में चार लाइन हैं, जिसमें 36 किलोमीटर रेल लाइन को ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली से लैस किया गया है । इसके साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अन्य कई महत्वपूर्ण सेक्शन पर भी इस आधुनिक प्रणाली की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।

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Vedant Samachar