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KORBA: नियमों को ताक में रखकर किया गया मानदेय शिक्षक भर्ती, शा. उच्च. मा. विद्यालय बरपाली का मामला

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लखन गोस्वामी

कोरबा, 01 अगस्त (वेदांत समाचार)। मानदेय शिक्षक भर्ती में चल रही मनमानी। अपनों को लाभ दिलाने भर्ती नियमों को किया जा रहा दरकिनार। पात्र अभ्यार्थियों को नजरअंदाज कर अपात्र अभ्यर्थी को किया नियुक्त।

मामला कोरबा विकासखंड के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बरपाली (जिल्गा) का है। जहाँ पर विद्यालय के प्राचार्य और शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष की मनमानी सामने आई है। उक्त विद्यालय में राजनीति विज्ञान के लिए मानदेय शिक्षक का एक पद निकाला गया था जिसमें कई सारे बी एड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों ने आवेदन जमा किया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती अनामिका सिंह और शाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष राम जीवन कंवर ने सांठगांठ कर शिक्षा विभाग के नियमों को दरकिनार करते हुए ऐसे अभ्यर्थी की नियुक्ति कर दी जिसके पास बी एड की कोई डिग्री नहीं है। पता चला है कि जिस अभ्यर्थी का मानदेय शिक्षक के लिए चयन किया गया है उसकी माता ग्राम पंचायत बरपाली(जिल्गा) की उपसरपंच और पिता ग्राम का कोटवार है। शिक्षा विभाग द्वारा मानदेय शिक्षक नियुक्ति के लिए गाईड लाइन निकाला गया था कि अनुभवधारी और बी एड डिग्रीधारी को प्राथमिकता देना है किंतु शा उच्च मा विद्यालय बरपाली (जिल्गा) की प्राचार्य ने शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के साथ मिलीभगत कर के ग्राम पंचायत के उपसरपंच को लाभ दिलाने के उद्देश्य से उसकी पुत्री पूर्णिमा महंत का चयन कर लिया है।

शासकीय उच्च मा विद्यालय बरपाली(जिल्गा) की प्राचार्य श्रीमती अनामिका सिंह से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया गया किंतु उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया। शाला प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष और ग्राम के सरपंच राम जीवन कंवर से फोन पर इसकी जानकारी ली गई जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि विद्यालय में कई सारे बी एड डिग्रीधारियों ने आवेदन किया था किंतु जिस अभ्यर्थी पूर्णिमा महंत का चयन किया गया है उसके पास बी एड की डिग्री नहीं है।

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