नई दिल्ली,30जुलाई : शुभमन गिल इस वक्त इंग्लैंड में अपनी टेस्ट कप्तानी के पहले इम्तिहान पर हैं, जिसमें वो खरे भी उतरते दिखे हैं. कप्तान बनने के बाद इंग्लैंड में ना सिर्फ शुभमन गिल की बल्लेबाज का रिकॉर्ड बेहतर हुआ है बल्कि उनकी कप्तानी में टीम इंडिया नया इतिहास लिखते और बुनते भी दिख रही है. पर क्या आप ये जानते हैं कि शुभमन गिल को एक टेस्ट मैच खेलने के कितने पैसे मिल रहे हैं? ये सवाल इसलिए क्योंकि बीते 5 साल में गिल को मिलने वाली टेस्ट मैच की फीस में 300 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.
5 साल में बदल गई शुभमन गिल की टेस्ट मैच फीस
शुभमन गिल का टेस्ट डेब्यू साल 2020 में हुआ था. और, साल 2025 में वो टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान बन चुके हैं. टीम के एक नए खिलाड़ी से कप्तान बनने तक शुभमन गिल ने भारतीय क्रिकेट के अंदर काफी कुछ बदलते हुए देखा और उन्हीं बदलावों में एक बदलाव उनकी टेस्ट मैच की फीस में भी देखने को मिला.
BCCI की स्कीम के बाद मैच फीस में बंपर उछाल
भारत की टेस्ट टीम में जब शुभमन गिल आए थे, तब प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ी को 15 लाख रुपये मैच फीस मिलती थी. 2024 के शुरुआती महीनों तक यही रकम मैच फीस के तौर पर दी जाती रही. मार्च 2024 में BCCI ने अपनी इन्सेन्टिव स्कीम लाकर खिलाड़ियों की टेस्ट मैच फीस में बंपर इजाफा किया. स्कीम के आने के बाद प्लेइंग इलेवन के उन खिलाड़ियों को 45 लाख रुपये मैच फीस मिलने लगी, जिन्होंने सीजन में 75 प्रतिशत या उससे ज्यादा मैच खेले. इसी तरह 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा मैचों में प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों की मैच फीस 30 लाख रुपये होंगी. जबकि एक सीजन में जो खिलाड़ी 50 फीसद से कम मैच खेलेंगे, उन्हें BCCI की इन्सेन्टिव स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा.
5 साल में 300 प्रतिशत का इजाफा
अब BCCI के इन्सेन्टिव स्कीम के आने के बाद शुभमन गिल को एक टेस्ट मैच के बदले मिलने वाली मैच फीस को देखें तो उसमें 300 प्रतिशत का इजाफा दिखता है. मतलब, शुभमन गिल को अब 15 लाख नहीं बल्कि 45 लाख रुपये एक टेस्ट खेलने के मिलते हैं. बड़ी बात ये है कि अब वो टीम के कप्तान भी हैं, तो 75 प्रतिशत या उससे ज्यादा ही नहीं बल्कि सीजन के लगभग हर टेस्ट मैच में भी खेलते हैं.



