Vedant Samachar

भारत में 30 फ़ीसदी लोगों का लिवर शराब न पीने के बावजूद भी है फैटी, ये हैं तीन कारण

Vedant Samachar
3 Min Read

फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर के सेल्स में ज्यादा फैट जमा हो जाता है. लिवर शरीर का अहम अंग है, जो भोजन को एनर्जी में बदलने और टाॅक्सिक तत्वों को निकालने का काम करता है. एम्स दिल्ली की रिसर्च के मुताबिक सामान्य रूप से शराब पीने वालों में फैटी लिवर देखा जाता है, लेकिन आजकल यह शराब न पीने वालों में भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसे नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) कहते हैं. इसकी मुख्य वजहें अनहेल्दी खानपान, मोटापा और फिजिकल एक्टिविटी की कमी हैं. लंबे समय तक फैटी लिवर रहने से लिवर में सूजन और आगे चलकर गंभीर बीमारियां जैसे सिरोसिस या लिवर फेल्योर का खतरा बढ़ सकता है.

फैटी लिवर शुरुआती चरण में अक्सर बिना लक्षणों के रहता है, लेकिन समय के साथ यह लिवर के कामकाज को प्रभावित करता है. लिवर में फैट जमा होने से उसमें सूजन और स्कारिंग यानी फाइब्रोसिस हो सकती है, जिससे सिरोसिस, लिवर कैंसर या लिवर फेलियर का खतरा बढ़ता है. इसके अलावा, फैटी लिवर टाइप-2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ाता है. शरीर में लगातार थकान, वजन बढ़ना, पेट में भारीपन और पाचन से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं. आइए जाने, शराब न पीने के बावजूद भी फैटी लिवर होने के क्या कारण हैं.

शराब न पीने के बावजूद भी फैटी लिवर होने के 3 कारण
गलत खानपान और प्रोसेस्ड फूड:

एम्स दिल्ली के गैस्ट्रोलॉजी विभाग में डॉ. गुंजन बताते हैं कि फैटी लिवर के मामलों में खराब खानपान सबसे बड़ा कारण है. तली-भुनी चीजें और ज्यादा कैलोरी वाला भोजन लिवर में चर्बी बढ़ाता है. हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप वाले ड्रिंक्स और फास्ट फूड लिवर में फैट के जमाव को तेज करते हैं. लंबे समय तक ऐसे फूड्स लेने से लिवर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया कमजोर पड़ जाती है.

मोटापा और इंसुलिन रेज़िस्टेंस:

अत्यधिक वजन, विशेष रूप से पेट की चर्बी लिवर पर फैट जमा करने में अहम भूमिका निभाती है. मोटापे के कारण इंसुलिन रेज़िस्टेंस बढ़ता है, जिससे लिवर सेल्स में फैट जमा होता रहता है. यह स्थिति टाइप-2 डायबिटीज और अन्य मेटाबॉलिक बीमारियोंं का भी जोखिम बढ़ाती है, जिससे लिवर पर दबाव और बढ़ जाता है.

बैठक जीवनशैली और तनाव:

फिजिकल एक्टिविटी की कमी से शरीर में मौजूद कैलोरी फैट में बदलकर लिवर में जमा हो जाती है. लंबे समय तक बैठकर काम करना, एक्सरसाइज न करना और नींद की कमी इस खतरे को बढ़ाते हैं. तनाव के दौरान बढ़ने वाला कोर्टिसोल हॉर्मोन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर लिवर में फैट जमा करने की प्रक्रिया को और तेज कर देता है.

कैसे करें बचाव?
हेल्दी डाइट लें और प्रोसेस्ड फूड से बचें.

रोजाना 30 मिनट तक एक्सरसाइज जरूर करें.

वजन कंट्रोल रखें.

तनाव से दूर रहें और पर्याप्त नींद लें.

समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं.

Share This Article