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संजीवनी दवा सेवा: दिल्ली में कैंसर के इलाज में नहीं होगी रुकावट, जानिए कैसे पाएं मुफ्त दवाएं

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भारत में कैंसर का इलाज एक बड़ी चुनौती है. प्राइवेटअस्पताल में ट्रीटमेंट काफी मंहगा है. जो लोग सरकारी अस्पताल मे इलाज करा रहे हैं उनको भी कई मामलों में दवाएं नहीं मिल पाती है. कारण ये होता है कि कैंसर की कुछ दवाएं सरकारी में भी नहीं हैं. उनको बाहर से ही खरीदना पड़ता है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण लोग दवाएं नहीं खरीद पाते हैं. ऐसे में इलाज में रुकावट आ जाती है, लेकिन अब दिल्ली के कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी दवा सेवा एक वरदान बनकर आई है. इसके जरिए कैंसर के मरीज इस बीमारी की दवाएं मुफ्त में पा सकते हैं. फिलहाल ये सेवाएं सफदरजंग और एम्स में इलाज करा रहे रोगियों के लिए शुरू की गई है. आने वाले कुछ महीनों में अन्य अस्पतालों के मरीज भी निशुल्क दवाएं पा सकते हैं.

संजीवनी दवा सेवा के तहत दिल्ली एम्स और सफदरजंग अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर और डॉक्टर मरीजों को दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं . इसके लिए डॉ रामावतार किला के नेतृत्व में अनेक सामाजिक संस्थाओं से आर्थिक मदद मिल रही है.

इस सेवा की शुरुआत क्यों हुई?
एम्स में सीनियर नर्सिंग अधिकारी कनिष्क यादव TV9 से बातचीत में बताते हैं कि कैंसर के जो मरीज इलाज की प्रक्रिया में हैं और जिनके ठीक होने की संभावना है , लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनके लिए ये सेवा शुरू की गई है. इसकी मदद से मरीजों को ओपीडी लेवल पर कैंसर की निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. इसके लिए एक पूरा प्रोसेस हैं.

सफदरजंग अस्पताल में ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉक्टर इसमें शामिल हैं. देखा जाता है कि किस मरीज को ठीक किया जा सकता है और कौन सी दवाएं उसको मिल नहीं पा रही हैं. इसकी पहचान करके और मेडिकल रिकॉर्ड तैयार करके मरीजों को दवाएं दी जाती हैं.

कैसे काम करती है ये सेवा?
ये दवाएं उन्हें तभी दी जाती हैं जब सरकारी अस्पतालों से उपलब्ध नहीं होतीं और मरीज निजी स्रोतों से लेने में असमर्थ होता है. इस सेवा के पीछे एक पूरी मेडिकल और सामाजिक टीम है जो यह सुनिश्चित करती है कि सहायता सिर्फ ज़रूरतमंदों तक पहुँचे.

कैंसर के मरीज कैसे ले सकते हैं संस्था की मदद
फिलहाल एम्स और सफदरजंग अस्पताल में कैंसर का इलाज करा रहे मरीजों के लिए ये सेवा है. जल्द ही अन्य अस्पतालों में इसको शुरू किया जाएगा. इन अस्पतालों में इलाज कराने वाले जिन कैंसर मरीजों को दवाएं नहीं मिली हैं और वह बाहर से नहीं ले सकते हैं तो वह संस्था के सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए कैंसर के मरीज सफदरजंग अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में डॉ. मुकेश नागर और डॉ रामावतार किला से संपर्क कर सकते हैं.

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