आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम लखनऊ नगर निगम द्वारा आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में सभी शहीदों को नमन किया और देश की सुरक्षा के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। इस दौरान सीएम योगी ने शहीदों के परिवार के लोगों को भी सम्मानित किया और उनको संबोधित करते हुए कहा कि मैं कारगिल युद्ध और सीमाओं की रक्षा करने वाले भारत माता के सभी वीर सपूतों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं उन परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और मातृभूमि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ और अडिग हैं।
सीएम योगी ने कहा कि पाकिस्तान और उसके आतंकवाद ने पुलवामा में 22 निर्दोष यात्रियों को अपना शिकार बनाया। वहीं भारतीय सेना को पूरे पाकिस्तान को सबक सिखाने में 22 मिनट भी नहीं लगे। उन्होंने पाकिस्तान के आतंकी कैंप को तहस-नहस कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुलवामा में दुस्साहस करने वालों को कीमत चुकाने की बात कही थी। भारतीय सेना के साहस और पराक्रम को देखकर पाकिस्तान अमेरिका की शरण में पहुंचा। भारत एक मोर्चे पर कई देशों से लड़ रहा था। इसके बावजूद भारतीय सेना के सामने पाकिस्तान की एक नहीं चली। फिर अंत में पाकिस्तान को समर्पण के लिए मजबूर होना पड़ा।
सीएम योगी ने कहा कि अगर हमें विकसित भारत के सपने को साकार करना है, तो हमें उन षड्यंत्रों से सावधान रहना होगा जो हमें जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बाँटने का काम करते रहे हैं। इतिहास के किसी भी कालखंड में भारत बल, बुद्धि और शिक्षा में कभी कमज़ोर नहीं रहा। लेकिन जो लोग विकसित भारत नहीं चाहते, जो लोग समर्थ भारत नहीं चाहते, जो लोग सशक्त भारत नहीं चाहते, वे जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर भारत को बाँटते हैं, सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करते हैं और दुश्मन को उकसाते और प्रोत्साहित करते हैं। उनकी सहानुभूति किसी गरीब के लिए नहीं है।
पाकिस्तान ने थोपा था कारगिल युद्ध, भारतीय सेना ने दिया मुंहताेड़ जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के महान वीर सपूतों को याद करने का दिन है। इस दिन भारत ने ऑपरेशन विजय को पूर्ण करते हुए पाकिस्तान को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। हम भारत के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं। ये दिन भारत की सेना के शौर्य का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान ने भारत पर थोपा था जिसका मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया। हम सब जानते हैं कारगिल का युद्ध पाकिस्तान के द्वारा थोपा गया युद्ध था। पहाड़ियों पर घुसपैठ की सूचना मिली। सेना ने सरकार को जानकारी दी। इसके बाद हमला करने पर गलतफहमी को दूर करने के लिए देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कार्रवाई की।
आज के ही दिन कारगिल विजय की घोषणा प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति अमेरिका गए, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने दबाव नहीं झेला। उन्होंने कहा कि अमेरिका हो या दुनिया की कोई भी ताकत भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा और अंत में पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा और घुसपैठियों को भागना पड़ा। कारगिल एक चुनौतीपूर्ण जगह थी जहां का तापमान माइनस 50 डिग्री होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कायरों को धूल चटा दी। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने पलायन नहीं किया, उसी नतीजा है कि हमने कारगिल पर विजय प्राप्त की। जो पलायन करते हैं, उन्हें सफलता नहीं मिलती। जो समाज में विद्वेष फैलाते हैं उन्हें सफलता नहीं मिलती।



