थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहा सीमा विवाद एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया है, जिसमें अब तक कम से कम 9 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है। थाई सेना ने पलटकर आरोप लगाया कि कंबोडियाई सैनिकों ने सबसे पहले गोलीबारी शुरू की। BM-21 रॉकेटों से नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे तीन लोग घायल हुए।
थाईलैंड ने किए हवाई हमले
थाई सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने कंबोडिया के दो सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। ये हमले ऐसे समय में हुए जब दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ अपने राजनयिक संबंधों को न्यूनतम स्तर तक घटा दिया था। थाई सेना के अनुसार, सबसे ज्यादा मौतें सी सा केट प्रांत में हुईं। एक गैस स्टेशन पर हमला हुआ जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। तीन सीमावर्ती प्रांतों में 14 लोग घायल हुए हैं।
प्रीह विहार मंदिर के पास बमबारी
कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय का कहना है कि थाई जेट विमानों ने प्राचीन प्रीह विहार मंदिर के पास एक सड़क पर बम गिराए। यह मंदिर दोनों देशों के लिए एक संवेदनशील मुद्दा रहा है।
सीमा पर लगातार झड़पें
थाई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सीमा के कम से कम छह स्थानों पर झड़पें हो रही हैं। पहली झड़प सुबह सुरिन (थाईलैंड) और ओद्दार मीनची (कंबोडिया) की सीमा पर स्थित ता मुएन थॉम मंदिर के पास हुई।
कंबोडिया ने थाईलैंड पर क्या आरोप लगाया?
कंबोडिया का आरोप है कि थाई सेना ने उसके संप्रभु क्षेत्र में घुसपैठ कर हमला किया, जिससे उसकी क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन हुआ। कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचीता ने कहा “हमने आत्मरक्षा के अपने वैध अधिकार का प्रयोग किया है।”
राजनयिक संबंधों में खटास
कंबोडिया ने थाईलैंड से अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया। थाई राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया। थाईलैंड ने सीमा पार आवाजाही पर रोक लगा दी और कंबोडिया ने कुछ आयात बंद कर दिए।
हिंसा कब और कैसे शुरू हुई?
सुबह 7:35 बजे थाई सैनिकों ने कंबोडियाई ड्रोन की आवाज सुनी। 8:20 बजे कंबोडियाई सैनिकों ने गोलीबारी शुरू कर दी। थाई सेना ने दावा किया कि 6 सशस्त्र सैनिक, जिनमें एक रॉकेट लांचर लिए हुए था, बाड़ के पास पहुंचे थे।
बारूदी सुरंगों का आरोप
थाईलैंड ने दावा किया है कि कंबोडिया ने विवादित इलाके में नई बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। थाई गश्ती दल के 5 जवान इन सुरंगों से घायल हुए। कंबोडिया ने इस आरोप को गलत बताया है।
सीमा विवाद की जड़ क्या है?
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच 817 किमी लंबी सीमा है। इस सीमा का नक्शा फ्रांस द्वारा 1907 में बनाया गया था, जब वह कंबोडिया का औपनिवेशिक शासक था।प्रीह विहार मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है, इस विवाद का मुख्य कारण है। थाईलैंड इस मंदिर को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय अदालत ने इसे कंबोडिया का क्षेत्र बताया है।
2008 से चल रहा है विवाद
2008 में कंबोडिया ने इस मंदिर को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित करवाया। इसके बाद झड़पें शुरू हुईं, जो 2011 में चरम पर पहुंचीं। उस समय करीब 36,000 लोग विस्थापित हो गए थे।
अंतरराष्ट्रीय अदालत का फैसला
कंबोडिया ने 2011 में फिर से इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का दरवाजा खटखटाया। 2013 में अदालत ने 1962 के पुराने फैसले को दोहराया और कहा कि मंदिर कंबोडिया का ही हिस्सा है। लेकिन थाईलैंड ने अब तक इस फैसले को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है।



