Vedant Samachar

क्या हाइट बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स किडनी के लिए खतरनाक हैं?

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आज के समय में ऊंची हाइट को आकर्षण और आत्मविश्वास से जोड़कर देखा जाता है. इसी सोच के चलते मार्केट में हाइट बढ़ाने वाले कई तरह के सप्लीमेंट्स, पाउडर और टेबलेट्स की बाढ़ सी आ गई है. ये प्रोडक्ट्स खासतौर पर किशोरों और युवा वर्ग को टारगेट करते हैं जो अपनी लंबाई बढ़ाने के लिए कुछ भी आजमाने को तैयार रहते हैं. इन सप्लीमेंट्स के विज्ञापन बड़े-बड़े वादे करते हैं कि यह कुछ ही हफ्तों में हाइट बढ़ा सकते हैं. लेकिन क्या यह दावे सही हैं? और इससे भी जरूरी सवाल यह है कि क्या ये सप्लीमेंट्स किडनी के लिए खतरनाक हो सकते हैं?

हाइट बढ़ने का विज्ञान: सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हमारी हाइट का लगभग 80% हिस्सा अनुवांशिक (Genetic) होता है. बाकी 20% भाग पर पोषण, व्यायाम, नींद और स्वास्थ्य का प्रभाव पड़ता है. हड्डियों की लंबाई बढ़ाने का काम ग्रोथ प्लेट्स करती हैं जो किशोरावस्था में सक्रिय होती हैं लेकिन 18 से 21 साल की उम्र के बाद ये प्लेट्स बंद हो जाती हैं. यानी इस उम्र के बाद हाइट नेचुरली बढ़ना लगभग नामुमकिन हो जाता है. ऐसे में सप्लीमेंट्स का असर बेहद सीमित होता है.

हाइट बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स कितने खतरनाक?
सफदरजंग अस्पताल में नेफ्रोलॉजी विभाग में डॉ. हिमांशु वर्मा बताते हैं किहाइट बढ़ाने वाले कई सप्लीमेंट्स में सिंथेटिक ग्रोथ हार्मोन, अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं. ये सारे तत्व अगर संतुलन में न हों, तो शरीर पर विपरीत असर डाल सकते हैं. सबसे ज्यादा असर किडनी पर होता है क्योंकि शरीर में आने वाले ज़्यादातर टॉक्सिन्स को फिल्टर करने का काम किडनी करती है. अगर सप्लीमेंट्स में भारी धातुएं, स्टेरॉयड या अशुद्ध तत्व मौजूद हों तो किडनी पर तनाव बढ़ जाता है जिससे किडनी डैमेज होने का खतरा होता है.

1- कई स्टडीज़ में यह सामने आया है कि लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह लिए गए सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल किडनी फंक्शन को प्रभावित कर सकता है. इससे किडनी की सूजन, क्रिएटिनिन लेवल बढ़ना या यहां तक कि किडनी फेल्योर जैसी गंभीर स्थिति भी बन सकती है. खासकर पहले से किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति के लिए ये सप्लीमेंट्स और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं.

2- अक्सर ये हाइट बढ़ाने वाले प्रोडक्ट्स बिना किसी मेडिकल सर्टिफिकेशन या टेस्टिंग के बाजार में आ जाते हैं. इनमें से कुछ लोकल ब्रांड्स ऐसे भी होते हैं जो घटिया क्वालिटी के इंग्रेडिएंट्स मिलाकर बेचते हैं. ऐसे में इनके इस्तेमाल से फायदा तो नहीं होता, उल्टा नुकसान जरूर हो सकता है.

3- इसलिए अगर कोई बच्चा या युवा अपनी हाइट को लेकर चिंतित है तो उसे पहले संतुलित आहार लेना चाहिए जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D और जिंक की पर्याप्त मात्रा हो. साथ ही नियमित व्यायाम, तैराकी, साइक्लिंग, और अच्छी नींद हाइट बढ़ाने के प्राकृतिक तरीके हैं. डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेकर ही किसी सप्लीमेंट का सेवन करना चाहिए.

सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प चुनें: हाइट बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स न केवल बेअसर हो सकते हैं, बल्कि अगर इनका इस्तेमाल गलत तरीके से किया जाए तो यह आपकी किडनी के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं. इसलिए बिना जांचे-परखे किसी भी दावे पर भरोसा न करें और हमेशा सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्पों को प्राथमिकता दें.

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