Vedant Samachar

India Advisory : भारत ने थाइलैंड को लेकर जारी की एडवाइजरी, कहा – ‘भारतीय इन सात प्रांतों की न करें यात्रा’

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थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद के चलते बढ़ते सशस्त्र संघर्ष के मद्देनजर भारत ने अपने नागरिकों को थाईलैंड के सात संवेदनशील प्रांतों की यात्रा से बचने की सलाह दी है. बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास द्वारा शुक्रवार को यह एडवाइजरी जारी की गई, जिसमें भारतीय नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दूतावास ने बयान में कहा कि थाईलैंड-कंबोडिया सीमा के पास बनी स्थिति को देखते हुए, थाईलैंड की यात्रा कर रहे सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे TAT Newsroom समेत थाई आधिकारिक स्रोतों से अद्यतन जानकारी लेते रहें.

सीमा पर हालात तनावपूर्ण

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथाम वेचयाचाई ने बताया कि सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं और यह स्थिति युद्ध में बदल सकती है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद ने अब सशस्त्र टकराव का रूप ले लिया है.

यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश

भारतीय दूतावास द्वारा जिन सात प्रांतों की यात्रा से परहेज करने को कहा गया है, उनमें उबोन राचाथानी, सुरिन, सिसाकेत, बुरीराम, सा कैओ, चंथाबुरी और त्राट शामिल हैं. इन सभी क्षेत्रों में संघर्ष तेज हो चुका है और स्थानीय प्रशासन ने भी यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है.

हजारों लोग अपने घरों से पलायन

गुरुवार को सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच गोलाबारी, रॉकेट हमलों और भारी तोपखाने के प्रयोग के साथ संघर्ष शुरू हुआ. इस हिंसक झड़प में अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. इस संघर्ष के चलते हजारों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं.

सैनिक की गोली लगने से मौत

थाई सेना ने शुक्रवार को पुष्टि की कि चार अलग-अलग प्रांतों में एक साथ संघर्ष हुए, जिसमें थाई वायुसेना ने भी हवाई हमले किए. यह घटनाक्रम मई में एक कंबोडियाई सैनिक की गोली लगने से मौत और हाल ही में एक लैंडमाइन विस्फोट में थाई सैनिकों के घायल होने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव के नए स्तर तक पहुँचने का संकेत देता है.

दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव

यह दूसरी बार है जब दोनों देशों के बीच इस वर्ष सीधा सैन्य टकराव हुआ है. राजनयिक स्तर पर भी रिश्ते कमजोर हुए हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है. भारत सरकार ने अपने नागरिकों को विशेष सतर्कता और जरूरी सावधानी बरतने को कहा है.

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